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जलमग्न गांवों में दहशत-दुश्वारियां
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 24 Aug 2016 02:15 AM IST
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गंगा में बाढ़।
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गंगा, गोमती, वरुणा और नाद नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से गांवों में दुश्वारियों और दहशत के बीच लोग जी रहे हैं। मंगलवार को कई और गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोग गृहस्थी समेटकर पलायन करते दिखे। वहीं, जो गांव पहले से बाढ़ से घिरे हैं, वहां खाना, पानी, बच्चों के लिए दूध और दवाइयों का संकट है। कुछ राहत शिविर बनाए गए हैं लेकिन वहां खास व्यवस्था नहीं है, जिससे कि पीड़ितों को राहत मिल सके।
रोहनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बेटावर, मुडादेव और करसड़ा में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बहुत से घर डूब गए हैं। बेटावर के झुल्लन, सहतू, खरभन, देवनाथ, शोभनाथ, रामजी सहित दर्जनों लोगों ने घर छोड़कर गांव मे ऊंचे स्थान पर डेरा डाल दिया है। वहीं, करसड़ा के आधा दर्जन परिवारों ने बंधा के ऊपर टेंट लगा लिया है। करसड़ा में सड़क के किनारे सड़ रहे कूड़े की दुर्गंध के चलते आना-जाना मुश्किल हो रहा है। जायजा लेने पहुंचे एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम और सीओ सदर रामसेवक यादव ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
चोलापुर : गोमती और नाद नदी में उफान से बेला, रौना कला, रौना खुर्द, ताड़ी, भरथौली के दर्जनों घर जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। चौबेपुर : क्षेत्र के पिपरी गांव सबसे ज्यादा प्रभावित है। पूरा गांव टापू बन गया है। प्रशासन से कोई मदद न मिलने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है। मठिया गांव में भी पानी दर्जनों घरों में घुस गया है।
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सरसौल, लुठा, शिवदशां, बर्थरा कलां, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, चंद्रावती, परनापुर, ढकवा, रामपुर आदि गांवों में भी पानी घुसने से दहशत फैल गई है। गरथौली, मठिया, भगवानपुर, कुर्सिया, हरिहरपुर, धौरहरा, टेकुरी, लक्ष्मीसेनपुर ओर राजवारी आदि गांवों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। चिरईगांव : बाढ़ से ढाब क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। यहां बिजली, पानी की गंभीर समस्या है। मोकलपुर के ग्राम प्रधान अनमोल सिंह ने बताया कि दो सौ लोग गांव छोड़ चुके हैं। यहां लंच पैकेट तक की व्यवस्था नहीं की गई।
बाढ़ से पिपरी गांव की हालत बदतर हो गई है। मंगलवार को डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। डीएम ने प्रधान संतोष यादव को बाढ़ पीड़ितों को खाना, शुद्ध पानी और बच्चों के लिए दूध मुहैया कराने का निर्देश दिया। राजस्व कर्मियों को पशुओं के लिए भूसे का इंतजाम करने को कहा। सीओ एपी सिंह को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को खतरे से आगाह करते रहें। निर्देश दिया कि रात में आठ बजे के बाद नावें नहीं चलेंगी।
शहर के लगभग आधा दर्जन इलाकों में सीवर उफनाने से कमर तक गंदा और बदबूदार पानी जमा हो गया है। हनुमानफाटक, पीलीकोठी, नवापुरा, फुलवरिया, तेलियाना सहित आसपास के मुहल्लों में सीवरयुक्त पानी घुस गया है। प्रभावित लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। जो इलाकों से नहीं निकल पा रहे हैं, बीमार हो रहे हैं या किसी तरह दिन गुजार रहे हैं।
आदमपुर थाने के आसपास के मुहल्लों की हालत देखकर यहां की दुश्वारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीलीकोठी-गोलगड्डा मार्ग पर भी घुटने भर पानी लगा है। इससे यहां दिनभर जाम की स्थिति बन जा रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। मंसूर, रमजान अली, विमल, तौफीक ने बताया कि कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।
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रोहनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बेटावर, मुडादेव और करसड़ा में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बहुत से घर डूब गए हैं। बेटावर के झुल्लन, सहतू, खरभन, देवनाथ, शोभनाथ, रामजी सहित दर्जनों लोगों ने घर छोड़कर गांव मे ऊंचे स्थान पर डेरा डाल दिया है। वहीं, करसड़ा के आधा दर्जन परिवारों ने बंधा के ऊपर टेंट लगा लिया है। करसड़ा में सड़क के किनारे सड़ रहे कूड़े की दुर्गंध के चलते आना-जाना मुश्किल हो रहा है। जायजा लेने पहुंचे एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम और सीओ सदर रामसेवक यादव ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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चोलापुर : गोमती और नाद नदी में उफान से बेला, रौना कला, रौना खुर्द, ताड़ी, भरथौली के दर्जनों घर जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। चौबेपुर : क्षेत्र के पिपरी गांव सबसे ज्यादा प्रभावित है। पूरा गांव टापू बन गया है। प्रशासन से कोई मदद न मिलने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है। मठिया गांव में भी पानी दर्जनों घरों में घुस गया है।
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सरसौल, लुठा, शिवदशां, बर्थरा कलां, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, चंद्रावती, परनापुर, ढकवा, रामपुर आदि गांवों में भी पानी घुसने से दहशत फैल गई है। गरथौली, मठिया, भगवानपुर, कुर्सिया, हरिहरपुर, धौरहरा, टेकुरी, लक्ष्मीसेनपुर ओर राजवारी आदि गांवों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। चिरईगांव : बाढ़ से ढाब क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। यहां बिजली, पानी की गंभीर समस्या है। मोकलपुर के ग्राम प्रधान अनमोल सिंह ने बताया कि दो सौ लोग गांव छोड़ चुके हैं। यहां लंच पैकेट तक की व्यवस्था नहीं की गई।
बाढ़ से पिपरी गांव की हालत बदतर हो गई है। मंगलवार को डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। डीएम ने प्रधान संतोष यादव को बाढ़ पीड़ितों को खाना, शुद्ध पानी और बच्चों के लिए दूध मुहैया कराने का निर्देश दिया। राजस्व कर्मियों को पशुओं के लिए भूसे का इंतजाम करने को कहा। सीओ एपी सिंह को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को खतरे से आगाह करते रहें। निर्देश दिया कि रात में आठ बजे के बाद नावें नहीं चलेंगी।
शहर के लगभग आधा दर्जन इलाकों में सीवर उफनाने से कमर तक गंदा और बदबूदार पानी जमा हो गया है। हनुमानफाटक, पीलीकोठी, नवापुरा, फुलवरिया, तेलियाना सहित आसपास के मुहल्लों में सीवरयुक्त पानी घुस गया है। प्रभावित लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। जो इलाकों से नहीं निकल पा रहे हैं, बीमार हो रहे हैं या किसी तरह दिन गुजार रहे हैं।
आदमपुर थाने के आसपास के मुहल्लों की हालत देखकर यहां की दुश्वारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीलीकोठी-गोलगड्डा मार्ग पर भी घुटने भर पानी लगा है। इससे यहां दिनभर जाम की स्थिति बन जा रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। मंसूर, रमजान अली, विमल, तौफीक ने बताया कि कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।