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वाराणसीः डेंगू के कहर से खलबली, अनदेखी से व्यवस्था चरमराई, तीन मरीजों की हो चुकी है मौत
Thu, 26 Aug 2021 05:15 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 26 Aug 2021 05:15 PM IST
सार
जून से अगस्त तक करीब 250 से अधिक डेंगू के संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं, जिसमें करीब 60 में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 3 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बीएचयू समेत विभिन्न अस्पतालों में 85 का इलाज चल रहा है।
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डेंगू मच्छर
- फोटो : istock
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विस्तार
वाराणसी में डेंगू का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि घर-घर डेंगू की दस्तक है। बच्चों से लेकर बड़े तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। किसी को बुखार है तो कोई जोड़ों में दर्द से परेशान है। जून से अगस्त तक करीब 250 से अधिक डेंगू के संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं, जिसमें करीब 60 में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 3 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बीएचयू समेत विभिन्न अस्पतालों में 85 का इलाज चल रहा है।
मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भी फॉगिंग व्यवस्था बेपटरी है। नियमित फॉगिंग कराई जाए तो कुछ हद तक मच्छरों का प्रकोप कम किया जा सकता है। आमतौर पर बरसात के समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। पिछले दिनों बाढ़ की वजह से सामनेघाट, भगवानपुर, नगवां, नरिया सहित कई इलाकों में पानी नहीं उतरा है।
इस वजह से यहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर फॉगिंग का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे उलट है। कुछ ही इलाकों में फॉगिंग हो रही है।
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तीस सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के मुताबिक, बीएचयू अस्पताल समेत अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में 85 मरीज भर्ती हैं। सबसे अधिक बीएचयू में 20, मंडलीय अस्पताल में 14 बाकी निजी अस्पतालों में हैं। इन सभी को डेंगू का संदिग्ध मरीज मानकर इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा 30 से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल को जांच के लिए बीएचयू भेजा गया है, इसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
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मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भी फॉगिंग व्यवस्था बेपटरी है। नियमित फॉगिंग कराई जाए तो कुछ हद तक मच्छरों का प्रकोप कम किया जा सकता है। आमतौर पर बरसात के समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। पिछले दिनों बाढ़ की वजह से सामनेघाट, भगवानपुर, नगवां, नरिया सहित कई इलाकों में पानी नहीं उतरा है।
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इस वजह से यहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर फॉगिंग का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे उलट है। कुछ ही इलाकों में फॉगिंग हो रही है।
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तीस सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के मुताबिक, बीएचयू अस्पताल समेत अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में 85 मरीज भर्ती हैं। सबसे अधिक बीएचयू में 20, मंडलीय अस्पताल में 14 बाकी निजी अस्पतालों में हैं। इन सभी को डेंगू का संदिग्ध मरीज मानकर इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा 30 से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल को जांच के लिए बीएचयू भेजा गया है, इसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
इन अस्पतालों में भर्ती हैं संदिग्ध मरीज
बीएचयू अस्पताल 20
मंडलीय अस्पताल 14
शास्त्री अस्पताल रामनगर 06
(निजी अस्पतालों में 45 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं)
दस सर्वाधिक मरीज वाले इलाके
भगवानपुर 10
छित्तूपुर 9
बीएलडब्ल्यू 9
लंका 7
सुंदरपुर 6
संकटमोचन 5
नेवादा 5
मंडुवाडीह 4
शिवपुर 3
सीर गोवर्धन 3
मंडलीय अस्पताल 14
शास्त्री अस्पताल रामनगर 06
(निजी अस्पतालों में 45 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं)
दस सर्वाधिक मरीज वाले इलाके
भगवानपुर 10
छित्तूपुर 9
बीएलडब्ल्यू 9
लंका 7
सुंदरपुर 6
संकटमोचन 5
नेवादा 5
मंडुवाडीह 4
शिवपुर 3
सीर गोवर्धन 3
क्या हैं डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, हड्डियों, मांसपेशियों में तेज दर्द, उल्टी मिचली का लगना, आंखों के ऊपरी हिस्से में दर्द, ठंड लगने के साथ बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना।
बचाव के उपाय
पूरी आस्तीन का शर्ट एवं पैंट पहनना चाहिए
मच्छरदानी लगाकर सोएं, मच्छर से बचाव के लिए क्रीम लगाएं
कूलर के पानी का साफ रखें, जलजमाव वाले जगहों पर जाने से बचे
ऑफिस या कहीं पर बैठें तो मोजा पहनकर ही रहें
बुखार होने पर सिर पर पट्टी करें
पानी की मात्रा शरीर में कम न होने दें।
नारियल पानी, छाछ, तरल पदार्थ का सेवन करें
तेज बुखार, हड्डियों, मांसपेशियों में तेज दर्द, उल्टी मिचली का लगना, आंखों के ऊपरी हिस्से में दर्द, ठंड लगने के साथ बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना।
बचाव के उपाय
पूरी आस्तीन का शर्ट एवं पैंट पहनना चाहिए
मच्छरदानी लगाकर सोएं, मच्छर से बचाव के लिए क्रीम लगाएं
कूलर के पानी का साफ रखें, जलजमाव वाले जगहों पर जाने से बचे
ऑफिस या कहीं पर बैठें तो मोजा पहनकर ही रहें
बुखार होने पर सिर पर पट्टी करें
पानी की मात्रा शरीर में कम न होने दें।
नारियल पानी, छाछ, तरल पदार्थ का सेवन करें