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‘तहि प्रकाश हमारा भयो पटना शहर बिखै भव लयो...’
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 06 Jan 2017 02:17 AM IST
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गुरु गोबिंद सिंह
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तहि प्रकाश हमारा भयो पटना शहर बिखै भव लयो/वह प्रगट्यो पुरख अगमंडा वरयाम अकेला/वाह वाह गोविंद सिंह आपे गुरु...। चेला का शबद बोले सो निहाल सत श्री अकाल... के जयकारे के साथ गुरुवार को गुरुद्वारे गूंजते रहे।
मौका था सिख धर्म के सरवंशदानी दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाशोत्सव का। फूलों, रंग-बिरंगी लतरों से सजे गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन के साथ अरदास हुई। अटूट लंगर बरताया गया।
गुरुद्वारा बड़ी संगत नीचीबाग में सुबह गुरु ग्रंथ साहिब का सहाना स्वागत किया गया। फूलों से सजी पालकी में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश हुआ। भोर में 4:15 से सुबह पांच बजे तक नाम सिमरन के बाद सात बजे शबद-कीर्तन हुआ। 40 दिन तक चली प्रभातफेरियों का समापन अखंड पाठ साहिब के लड़ी पाठ से हुआ। शाम को दीवान सजाया गया। इसमें सैकड़ों की तादाद में अनुयायियों ने मत्था टेका। भाई दलवीर सिंह दरबार साहिब अमृतसर वाले और भाई जगतार सिंह जम्मूवाले, हजूरी रागी जत्था भाई नरेंद्र सिंह, भाई रकम सिंह ने शबद-कीर्तन से निहाल किया। गुरुद्वारा गुरुबाग में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक दीवान सजाया गया। इसी तरह गुरुद्वारा गुरुबाग को भी फूलों, लतरों से सजाया गया। गुरुनानक खालसा बालिका इंटर कॉलेज, गुरु नानक इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने शबद गायन किया। विशिष्ट जनों को सरोपा भेंट किया गया।
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मुख्य ग्रंथी भाई सुखदेव सिंह ने दीवान समाप्ति के बाद अरदास की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान बोले सो निहाल... सत श्री अकाल... के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी तादाद में संगतों ने दसवें गुरु को नमन किया।
विशाल भारत संस्थान की ओर से गुरुवार को वरुणा नगरम कालोनी चौकाघाट में गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस मौके पर पंचगंगा फाउंडेशन के डा. हेमंत गुप्ता, डा. राजीव श्रीवास्तव, डा. मृदुला जायसवाल सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किए।
मौका था सिख धर्म के सरवंशदानी दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाशोत्सव का। फूलों, रंग-बिरंगी लतरों से सजे गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन के साथ अरदास हुई। अटूट लंगर बरताया गया।
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गुरुद्वारा बड़ी संगत नीचीबाग में सुबह गुरु ग्रंथ साहिब का सहाना स्वागत किया गया। फूलों से सजी पालकी में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश हुआ। भोर में 4:15 से सुबह पांच बजे तक नाम सिमरन के बाद सात बजे शबद-कीर्तन हुआ। 40 दिन तक चली प्रभातफेरियों का समापन अखंड पाठ साहिब के लड़ी पाठ से हुआ। शाम को दीवान सजाया गया। इसमें सैकड़ों की तादाद में अनुयायियों ने मत्था टेका। भाई दलवीर सिंह दरबार साहिब अमृतसर वाले और भाई जगतार सिंह जम्मूवाले, हजूरी रागी जत्था भाई नरेंद्र सिंह, भाई रकम सिंह ने शबद-कीर्तन से निहाल किया। गुरुद्वारा गुरुबाग में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक दीवान सजाया गया। इसी तरह गुरुद्वारा गुरुबाग को भी फूलों, लतरों से सजाया गया। गुरुनानक खालसा बालिका इंटर कॉलेज, गुरु नानक इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने शबद गायन किया। विशिष्ट जनों को सरोपा भेंट किया गया।
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मुख्य ग्रंथी भाई सुखदेव सिंह ने दीवान समाप्ति के बाद अरदास की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान बोले सो निहाल... सत श्री अकाल... के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी तादाद में संगतों ने दसवें गुरु को नमन किया।
विशाल भारत संस्थान की ओर से गुरुवार को वरुणा नगरम कालोनी चौकाघाट में गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस मौके पर पंचगंगा फाउंडेशन के डा. हेमंत गुप्ता, डा. राजीव श्रीवास्तव, डा. मृदुला जायसवाल सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किए।