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सरकारी अस्पतालों में कम होगी झंझट, ओपीडी के लिए लगा सकेंगे ऑनलाइन नंबर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 04 Aug 2017 03:49 PM IST
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सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को अब डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसे मरीज घर बैठे ओपीडी में नंबर लगवा सकेंगे। सरकार के ई हॉस्पिटल की मुहिम में बनारस का मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा जुड़ गया है।
इसके तहत पहले चरण में 40 कंप्यूटर मंगाए जा रहे हैं, जो ओपीडी के साथ ही वार्डों में लगाए जाएंगे। अस्पताल में ई-मेडिसीन डिस्पले बोर्ड भी लगाया जाएगा।
मंडलीय अस्पताल में बनारस और आसपास के जिलों के मरीज आते हैं। इसमें बनारस के बाहर से आने वाले मरीज सुबह आठ बजे के पहले ही अस्पताल आ जाते हैं।
इसमें जहां पर्ची कटवाने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है वहीं ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। मरीजों की सहूलियत को देखते हुए अब ऑनलाइन नंबर लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके तहत मंडलीय अस्पताल में 40 कंप्यूटर मंगवाए जा रहे हैं, जिसे ओपीडी, वार्ड में रखा जाएगा। इसके माध्यम से मरीज संबंधित चिकित्सक की ओपीडी के लिए नंबर लगा सकेंगे और यहां आने पर उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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चिकित्सक उसी नंबर के आधार पर उनका इलाज कर सकेंगे। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों का हर ब्योरा भी कंप्यूटर में दर्ज होगा, जिसे कभी भी देखा जा सकेगा। इसमें उनका क्या इलाज हुआ, कौन सी जांच हुई, कब डिस्चार्ज हुए, सब जानकारी रहेगी।
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इसके तहत पहले चरण में 40 कंप्यूटर मंगाए जा रहे हैं, जो ओपीडी के साथ ही वार्डों में लगाए जाएंगे। अस्पताल में ई-मेडिसीन डिस्पले बोर्ड भी लगाया जाएगा।
मंडलीय अस्पताल में बनारस और आसपास के जिलों के मरीज आते हैं। इसमें बनारस के बाहर से आने वाले मरीज सुबह आठ बजे के पहले ही अस्पताल आ जाते हैं।
इसमें जहां पर्ची कटवाने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है वहीं ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। मरीजों की सहूलियत को देखते हुए अब ऑनलाइन नंबर लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
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इसके तहत मंडलीय अस्पताल में 40 कंप्यूटर मंगवाए जा रहे हैं, जिसे ओपीडी, वार्ड में रखा जाएगा। इसके माध्यम से मरीज संबंधित चिकित्सक की ओपीडी के लिए नंबर लगा सकेंगे और यहां आने पर उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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चिकित्सक उसी नंबर के आधार पर उनका इलाज कर सकेंगे। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों का हर ब्योरा भी कंप्यूटर में दर्ज होगा, जिसे कभी भी देखा जा सकेगा। इसमें उनका क्या इलाज हुआ, कौन सी जांच हुई, कब डिस्चार्ज हुए, सब जानकारी रहेगी।