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Varanasi News: सभी केंद्र गांधी के नाम, विरासत और विचारों की हत्या का चल रहा प्रयास
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सर्वसेवा संघ के समर्थन में आए विचारक योगेंद्र यादव
बोले, देश में कितना भी गोडसे को चला लें, बाहर जाकर बोलते हैं मैं गांधी के देश से आया हूं
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। विचारक योगेंद्र यादव ने कहा कि गांधी के नाम, विरासत और विचार की हत्या का सुनियोजित प्रयास चल रहा है। गांधी बहुत से लोगों की गले की हड्डी रहे हैं, जीवित थे तब भी और मरने के बाद तो और भी ज्यादा हैं। रविवार को सर्व सेवासंघ में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज भी देश के भीतर कितना भी गोडसे को चला लें लेकिन बाहर जाकर बोलते हैं कि मैं गांधी के देश से आया हूं।
उन्होंने कहा, यह संयोग नहीं है कि देश की नई संसद की नई इमारत का लोकार्पण 28 मई को किया जा रहा है जो सावरकर का जन्मदिवस है। उस व्यक्ति का जिस व्यक्ति ने खुद को वीर की उपाधि दी, बापू ने खुद को महात्मा की उपाधि कभी नहीं दी। उन्होंने कहा, गांधी विद्या संस्थान की सेल डीड कहती है कि जिस दिन गांधी विद्या संस्थान काम करना बंद कर देगी, उसकी जमीन सर्वसेवा संघ के पास आ जाएगी, लेकिन जो कमिश्नर ने किया है वह गैरकानूनी है। यह केवल जमीन पर कब्जा करने का प्रयास नहीं है यह गांधी का नामो निशान मिटाने की कोशिश है।
चार और पांच जून को होगा आंदोलन
सर्वसेवा संघ के संयोजक रामधीरज ने बताया कि गांधी विद्या संस्थान और संघ की जमीन बचाने के लिए आंदोलन चलाया जाएगा। चार और पांच जून को देश भर से गांधीवादी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए बनारस आएंगे। जिला प्रशासन की मनमानी के खिलाफ हम लोग जन आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही रविवार को हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत हुई।
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बोले, देश में कितना भी गोडसे को चला लें, बाहर जाकर बोलते हैं मैं गांधी के देश से आया हूं
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। विचारक योगेंद्र यादव ने कहा कि गांधी के नाम, विरासत और विचार की हत्या का सुनियोजित प्रयास चल रहा है। गांधी बहुत से लोगों की गले की हड्डी रहे हैं, जीवित थे तब भी और मरने के बाद तो और भी ज्यादा हैं। रविवार को सर्व सेवासंघ में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज भी देश के भीतर कितना भी गोडसे को चला लें लेकिन बाहर जाकर बोलते हैं कि मैं गांधी के देश से आया हूं।
उन्होंने कहा, यह संयोग नहीं है कि देश की नई संसद की नई इमारत का लोकार्पण 28 मई को किया जा रहा है जो सावरकर का जन्मदिवस है। उस व्यक्ति का जिस व्यक्ति ने खुद को वीर की उपाधि दी, बापू ने खुद को महात्मा की उपाधि कभी नहीं दी। उन्होंने कहा, गांधी विद्या संस्थान की सेल डीड कहती है कि जिस दिन गांधी विद्या संस्थान काम करना बंद कर देगी, उसकी जमीन सर्वसेवा संघ के पास आ जाएगी, लेकिन जो कमिश्नर ने किया है वह गैरकानूनी है। यह केवल जमीन पर कब्जा करने का प्रयास नहीं है यह गांधी का नामो निशान मिटाने की कोशिश है।
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चार और पांच जून को होगा आंदोलन
सर्वसेवा संघ के संयोजक रामधीरज ने बताया कि गांधी विद्या संस्थान और संघ की जमीन बचाने के लिए आंदोलन चलाया जाएगा। चार और पांच जून को देश भर से गांधीवादी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए बनारस आएंगे। जिला प्रशासन की मनमानी के खिलाफ हम लोग जन आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही रविवार को हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत हुई।
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