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UP: हत्या के छह साल पुराने केस में एक को उम्रकैद, पांच को संदेह का लाभ; मृतक के बेटे ने दर्ज कराई थी FIR

Thu, 30 Jul 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 30 Jul 2026 05:56 AM IST
सार

वाराणसी में छह वर्ष पुराने हत्या मामले में अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि साक्ष्य के अभाव में पांच अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जमीन विवाद में अनिल मिश्रा की हत्या हुई थी। मामले में मृतक के बेटे ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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One sentenced life imprisonment six-year-old murder case five acquitted giving benefit of doubt
Varanasi court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने फूलपुर थाना क्षेत्र के बरवां गांव में छह साल पहले जमीन के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में शिव कुमार मिश्रा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, मामले में नामजद पांच अन्य अभियुक्तों महेंद्र मिश्रा, दीपक मिश्रा, धीरज मिश्रा, दशरथ मिश्रा और साक्षी मिश्रा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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अभियोजन के अनुसार, वादी सचिन कुमार मिश्रा ने 19 मई 2020 को फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि शाम छह बजे उनके पट्टीदार महेंद्र मिश्रा, शिव कुमार मिश्रा, दीपक मिश्रा, धीरज मिश्रा, दशरथ मिश्रा और साक्षी मिश्रा लाठी, सब्बल और रॉड लेकर उनके मशीन परिसर पर पहुंचे। 
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वहां उन्होंने सचिन के पिता अनिल कुमार मिश्रा, भाई पवन कुमार मिश्रा और मां सुनीता मिश्रा पर हमला कर दिया। हमले में अनिल कुमार मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। वहीं, पवन कुमार मिश्रा और सुनीता मिश्रा को भी चोटें आई थीं।विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

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सात गवाहों के बयान दर्ज
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने लिखित तहरीर, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चोट आख्या समेत अन्य दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वादी सचिन कुमार मिश्रा और पवन कुमार मिश्रा समेत सात अभियोजन गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। सचिन मिश्रा ने घटना का विस्तृत विवरण देते हुए अपने पिता की मौत की पुष्टि की। वहीं, पवन मिश्रा ने अपने बयान में बताया कि शिव कुमार मिश्रा के हाथ में नुकीला सब्बल था, जिससे उनके पिता को चोट लगी थी।

बचाव पक्ष ने मृतक को दुर्घटनावश चोट लगने की दलील
बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे को रंजिशन दर्ज कराने और मृतक को दुर्घटनावश चोट लगने की दलील भी दी गई। साथ ही शिव कुमार मिश्रा की मानसिक अस्वस्थता का भी उल्लेख किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और मामले की परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद शिव कुमार मिश्रा को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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