फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   one lakh ruppes fine on contractor after mla complaint

बालू की जगह बोरियों में मिट्टी देख विधायक ने की शिकायत, ठेकेदार पर एक लाख का अर्थदंड

Wed, 31 May 2017 10:47 AM IST
ब्यूरो,अमर उजला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजला,बलिया Updated Wed, 31 May 2017 10:47 AM IST
विज्ञापन
one lakh ruppes fine on contractor after mla complaint
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : self

विज्ञापन
बलिया जिले के बैरिया तहसील के दूबे छपरा में चल रहे बाढ़ निरोधी कार्य में ठेकेदार के कामों में अनियमितता देखी गई। विधायक सुरेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत की।  सीआरओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एक लाख रुपये अर्थदंड लगाने का निर्देश दे दिया।

 विधायक की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीआरओ ने जांच की तथा रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की थी। बताया जाता है कि मंगलवार को बाढ़ विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ठेकेदार की ओर से बालू की जगह बोरियों में मिट्टी भरकर स्लोप बनाने का काम किया जा रहा था।
विज्ञापन


ग्रामीणों की इसकी जानकारी विधायक सुरेन्द्र सिंह को दी। मौके पर पहुंचे विधायक ने मानक के विपरीत कार्य देख रोकवा दिया और इसकी जानकारी डीएम समेत आला अफसरों को दी। डीएम के निर्देश पर सीआरओ बी राम, एसडीएम अवधेश कुमार मिश्र, सिंचाई विभाग के एसडीओ सीएम शाही, अवर अभियंता मुन्ना यादव व जावेद अहमद मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधायक ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग अधिकारियों से पूछा कि बालू के बदले बोरियों में मिट्टी क्यों भरा जा रहा है? बोरियां फटी हुई क्यों हैं और बाहर से बालू लाने के बदले गंगा के तट पर ही मिट्टी क्यों काटी जा रही है? विधायक के पूछे जाने के बाद सीआरओ ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

इसके बाद एसडीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट सीआरओ को दी और सीआरओ ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपा। इसके बाद डीएम सुरेंद्र विक्रम ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए ठेकेदार पर एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया और चेतावनी पत्र जारी किया।
 

ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार से कराया जा रहा कटानरोधी कार्य!

लाख प्रयास के बावजूद बाढ़ विभाग के अधिकारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। बताया जाता है कि हर साल बाढ़ विभाग के अफसरों व ठेकेदारों की मिलीभगत से कटानरोधी कार्य के नाम पर करोड़ों का बंदरबांट किया जाता है।

इसके लिए वह नदियों में पानी बढ़ने का इंतजार करते हैं और जब नदियां उफान पर होती हैं तो काम शुरू कराया जाता है और करोड़ों का वारा-न्यारा किया जाता है। विभागीय अधिकारी पानी बढ़ने के पहले काम शुरु करने से हर बार कतराते हैं ताकि पोल न खुल जाए। इतना ही नहीं बाढ़ विभाग की ओर से करोड़ों बहाए जाने के बावजूद वर्ष 2016 में दुबेछपरा रिंग बंधा टूट गया दर्जनों गांव पानी में डूब गए।

सूत्रों की मानें तो इस साल भी बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने पूर्व में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को ही कटानरोधी कार्य करने का जिम्मा दिया है, जो सवालों के घेरे में है। हालांकि इस मामले में डीएम ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed