BHU Hospital: चिकित्सा अधीक्षक और हृदय रोग विभागाध्यक्ष में फिर छिड़ी रार, आदेश और नियम को लेकर आमने-सामने
बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.केके गुप्ता और हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर में एक बार फिर से रार छिड़ गई है। हृदय रोग विभाग में मरीजों की सुविधाओं को लेकर दोनों आमने-सामने हैं।
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बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग में मरीजों की सुविधाओं को लेकर चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) प्रो.केके गुप्ता और हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर में एक बार फिर से रार छिड़ गई है।सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में सीसीयू, कार्डियो वार्ड में मरीजों को सुविधाएं न मिलने को लेकर जहां विभागाध्यक्ष ने पीएमओ, स्वास्थ्य मंत्रालय सहित अन्य जगहों पर ट्वीट कर शिकायत की थी।
वहीं एमएस ने बुधवार को अपना बयान जारी कर कहा कि कई बार पत्र देने के बाद भी विभागाध्यक्ष की ओर से सीसीयू, कार्डियो वार्ड को सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट नहीं कर रहे हैं। जबकि प्रो. ओमशंकर का कहना है कि अस्पताल एमएस के आदेश से नहीं बल्कि नियम से चलता है।
प्रो. ओमशंकर ने किया था आंदोलन
बीएचयू अस्पताल के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के पांचवें तल पर हृदय रोग विभाग का कैथ लैब, सीसीयू, कार्डियोवार्ड है। वार्ड बनने के बाद से यहां कैथ लैब सहित अन्य वार्डों का ताला नहीं खुल पाया था। जून महीने में इसको लेकर प्रो. ओमशंकर ने आंदोलन किया तब जाकर कैथ लैब का ताला खुला। सुपरस्पेशियलिटी में कैथ लैब तो चल रहा है लेकिन स्टाफ न मिलने और हॉस्पिटल इनफार्मेशन सिस्टम में सीसीयू के बेड न दिखने की वजह से यहां मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं।
चार पत्र के बाद भी विभागाध्यक्ष नहीं शिफ्ट कर रहे हैं वार्ड
एमएस प्रो.केके गुप्ता ने कहा कि हृदय रोग विभागाध्यक्ष को कैथ लैब, सीसीयू, कार्डियोवार्ड को सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में स्थानांतरित करने के लिए पहले ही 16 अप्रैल, 28 अप्रैल, 16 जून, 27 जून 2022 को प्रशासनिक आदेश जारी किया गया।
कई अनुस्मारक पत्र भेजे गए, नर्सों, सहायक स्टाफ, जरूरी उपकरण भी ले जाने को कहा गया था। इसके बाद भी विभागाध्यक्ष द्वारा सीसीयू, वार्ड को शिफ्ट नहीं किया गया है। इस वजह से पुराने कार्डियो वार्ड, सीसीयू में नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है। इसकी सूचना बीएचयू प्रशासन को दी जा चुकी है।
शिफ्टिंग जैसी कोई बात नहीं, दोनों जगह हृदय रोग विभाग का
हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो.ओमशंकर ने कहा कि एमएस ने जो भी पत्र दिए हैं, उन सभी का जवाब मेरी ओर से दिया जा चुका है। बीएचयू अस्पताल, सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक दोनों जगह हृदय रोग विभाग को आवंटित हैं। ऐसे में शिफ्टिंग की कोई बात नहीं है।
अवैध तरीके से चिकित्सा अधीक्षक हृदय रोग विभाग के बेड पर कब्जा करना चाहते हैं। चिकित्सा अधीक्षक को यह अधिकार नहीं है कि वह जिसको चाहे, जहां भेज दें। दोनों भवनों के बीच बहुत सी दूरियां हैं। इस वजह से दोनों जगह विभाग चलने से मरीजों को राहत होगी। दोनों जगहों का संचालन नियमानुसार किया जा रहा है।