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यूपी के मंत्री बोले, हालात नहीं बदले तो सीएम योगी की हो जाएगी घर वापसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 05 May 2018 12:00 PM IST
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ओमप्रकाश राजभर
- फोटो : file photo
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अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। थाने बिक रहे हैं और कल्याणकारी योजनाओं में लाभार्थियों से वसूली की जा रही है। इसी ढर्रे पर अखिलेश और मायावती सरकारें भी चल रही थीं। हालात नहीं बदले तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी घर वापसी हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पंचम तल के अफसरों के जाल में ऐसे फंसे हैं कि न विधायकों की सुनवाई हो रही और न ही मंत्रियों की। उन्होंने यह बातें जौनपुर के लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में कही।
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा कि इस सरकार हनक नहीं बना पा रही है। खुद सीएम योगी आदित्य नाथ ने चित्रकूट में बयान दिया है कि भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है।
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हालात इतने बदतर हैं कि खुद मुख्यमंत्री को अफसरों को इस बात की हिदायत देनी पड़ रही है कि वे जनप्रतिनिधियों के पत्रों को संज्ञान में लें और उनकी बातें सुनें। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि अफसर मनमानी कर रहे हैं लेकिन वे ठोस कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
कई विधायकों ने अपना दर्द भी सार्वजनिक किया तो मुख्यमंत्री ने ही उनकी बातों को अनसुना कर दिया। ऐसे में अफसरों का बेलगाम होना स्वाभाविक है। थानों में पैसे से फैसले हो रहे हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पंचम तल के अफसरों के जाल में ऐसे फंसे हैं कि न विधायकों की सुनवाई हो रही और न ही मंत्रियों की। उन्होंने यह बातें जौनपुर के लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में कही।
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पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा कि इस सरकार हनक नहीं बना पा रही है। खुद सीएम योगी आदित्य नाथ ने चित्रकूट में बयान दिया है कि भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है।
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हालात इतने बदतर हैं कि खुद मुख्यमंत्री को अफसरों को इस बात की हिदायत देनी पड़ रही है कि वे जनप्रतिनिधियों के पत्रों को संज्ञान में लें और उनकी बातें सुनें। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि अफसर मनमानी कर रहे हैं लेकिन वे ठोस कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
कई विधायकों ने अपना दर्द भी सार्वजनिक किया तो मुख्यमंत्री ने ही उनकी बातों को अनसुना कर दिया। ऐसे में अफसरों का बेलगाम होना स्वाभाविक है। थानों में पैसे से फैसले हो रहे हैं।
20 मई को शराब के विरोध में प्रदर्शन
ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : file photo
मऊ में तीन लोगों को क्राइम ब्रांच ने उठाया। उनमें से एक ने होमगार्ड के जरिए पैसा दे दिया तो छूट गया और दो लोगों को तीन दिनों तक बंद करके प्रताड़ित किया जाता रहा। मऊ के एसपी से इसकी शिकायत की तो उन्होंने कहा कि जब आप जांच कर रहे हैं तो मेरी क्या जरूरत है।
जन चौपालों में मंत्री, विधायकों से लोग वसूली की शिकायतें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल की बैठक में यह बात कही गई तो उन्होंने कहा कि मेरी चौपाल में तो किसी ने इसकी शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि अपराधियों में भय पैदा हुआ है। बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है।
गांवों में सफाई हो रही है। शौचालय बन गए हैं। मगर तमाम योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री अच्छे हैं लेकिन अफसर उन्हें धोखे में रखे हुए हैं।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि 20 मई को बीस हजार महिलाएं प्रदेश में शराब बंदी के विरोध में मऊ में प्रदर्शन करेंगी। बिहार, गुजरात में जब शराब बंदी लागू हो तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती है।
दो तरह की व्यवस्था ठीक नहीं है। शराब से हजारों लोगों की जान जा चुकी है। हजारों महिलाएं विधवा हो चुकी है। इसमें अधिकतर गरीब तबका ही है। जिस परिवार में यह लत लग गई उस परिवार का पतन हो जाता है।
जन चौपालों में मंत्री, विधायकों से लोग वसूली की शिकायतें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल की बैठक में यह बात कही गई तो उन्होंने कहा कि मेरी चौपाल में तो किसी ने इसकी शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि अपराधियों में भय पैदा हुआ है। बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है।
गांवों में सफाई हो रही है। शौचालय बन गए हैं। मगर तमाम योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री अच्छे हैं लेकिन अफसर उन्हें धोखे में रखे हुए हैं।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि 20 मई को बीस हजार महिलाएं प्रदेश में शराब बंदी के विरोध में मऊ में प्रदर्शन करेंगी। बिहार, गुजरात में जब शराब बंदी लागू हो तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती है।
दो तरह की व्यवस्था ठीक नहीं है। शराब से हजारों लोगों की जान जा चुकी है। हजारों महिलाएं विधवा हो चुकी है। इसमें अधिकतर गरीब तबका ही है। जिस परिवार में यह लत लग गई उस परिवार का पतन हो जाता है।