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राम मंदिर निर्माणः काशी से ओम अनुग्रह यात्रा शुरू, संत समागम में नहीं पहुंचे मुस्लिम धर्मगुरु
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:54 PM IST
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संत समागम में श्री श्री रविशंकर
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण कोर्ट के बाहर आपसी समझौते के साथ करने का प्रयास करने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर ने मंगलवार को काशी से ओम अनुग्रह यात्रा का शुभारंभ किया।
वाराणसी सिटी स्टेशन से खुली श्री श्री रविशंकर स्पेशल ट्रेन मऊ, देवरिया, श्रावस्ती, गोरखपुर होते हुए लखनऊ जाएगी। इससे पहले वाराणसी के चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में संत समागम का आयोजन हुआ।
समागम में काशी, बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों से संतों ने शिरकत की, लेकिन मुस्लिम व ईसाई धर्म गुरुओं के शामिल न होने से संत समाज में काफी नाराजगी देखी गई। संत समागम में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण मामले पर कहा कि पहल सही दिशा में चल रही है, इसका अच्छा नतीजा निकलेगा।
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प्रयास के बावजूद नतीजा न निकल पाने के सवाल पर श्रीश्री ने कहा कि यह बहुत बड़ा काम है। चार छह महीने से प्रयास जारी है और बहुत आशा भी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संत और मुसलमान संत कह रहे हो कोर्ट का फैसला ही इस मामले में मान्य होगा।
मामले में जो पक्ष हारेगा वह 50 साल बाद फिर तोड़फोड़ करेगा। श्री श्री ने कहा, वक्त है कि हम सौहार्द दिखाएं। राम मंदिर के लिए संघर्ष अच्छी बात नहीं है। सौहार्द से अगर फैसला करेंगे तो आनंद होगा खुशियों का माहौल होगा और हमेशा के लिए समस्या दूर हो जाएगी।
उन्होंने फिर दोहराया कि इस समस्या का समाधान दोनों समुदायों के सहयोग से होगा। मामला सौ करोड़ लोगों की आस्था की आस्था से जुड़ा है।
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वाराणसी सिटी स्टेशन से खुली श्री श्री रविशंकर स्पेशल ट्रेन मऊ, देवरिया, श्रावस्ती, गोरखपुर होते हुए लखनऊ जाएगी। इससे पहले वाराणसी के चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में संत समागम का आयोजन हुआ।
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समागम में काशी, बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों से संतों ने शिरकत की, लेकिन मुस्लिम व ईसाई धर्म गुरुओं के शामिल न होने से संत समाज में काफी नाराजगी देखी गई। संत समागम में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण मामले पर कहा कि पहल सही दिशा में चल रही है, इसका अच्छा नतीजा निकलेगा।
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प्रयास के बावजूद नतीजा न निकल पाने के सवाल पर श्रीश्री ने कहा कि यह बहुत बड़ा काम है। चार छह महीने से प्रयास जारी है और बहुत आशा भी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संत और मुसलमान संत कह रहे हो कोर्ट का फैसला ही इस मामले में मान्य होगा।
मामले में जो पक्ष हारेगा वह 50 साल बाद फिर तोड़फोड़ करेगा। श्री श्री ने कहा, वक्त है कि हम सौहार्द दिखाएं। राम मंदिर के लिए संघर्ष अच्छी बात नहीं है। सौहार्द से अगर फैसला करेंगे तो आनंद होगा खुशियों का माहौल होगा और हमेशा के लिए समस्या दूर हो जाएगी।
उन्होंने फिर दोहराया कि इस समस्या का समाधान दोनों समुदायों के सहयोग से होगा। मामला सौ करोड़ लोगों की आस्था की आस्था से जुड़ा है।
लेकिन कुछ कुछ दुर्योधन भी हैं....
संत समागम
- फोटो : अमर उजाला
श्री श्री ने कहा कि यह आसान भी नहीं है। सभी राजी हैं लेकिन कुछ कुछ दुर्योधन भी हैं, जो एक इंच जमीन नहीं देने की बात करते हैं। कुछ सियासी लोग भी राम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं। यह ठीक बात नहीं है। संत समागम में जुटे भीड़ में उन्होंने कहा कि संत दिलों को जोड़ने का काम करते हैं।
राजनीति दिलों को नहीं जोड़ सकती है। संत समागम में पहुंचे संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि जिस तरह से राम मंदिर के लिए यात्रा की शुरुआत हुई है उसी तरह से मां गंगा के लिए भी एक यात्रा निकाली जाए।
मोक्षदायिनी मां अब जनमानस से दूर हो रही है। अगर वक्त रहते कुछ नहीं किया गया तो बाद में इसका गंभीर परिणाम जनमानस को झेलना होगा। सतुआ बाबा आश्रम के महंत संतोष दास ने राम मंदिर निमार्ण को बेहद आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में जब सब राजी हैं तो मंदिर का निमार्ण जल्द हो। अगर राम मंदिर का निर्माण अभी नहीं तो कभी नहीं।
राजनीति दिलों को नहीं जोड़ सकती है। संत समागम में पहुंचे संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि जिस तरह से राम मंदिर के लिए यात्रा की शुरुआत हुई है उसी तरह से मां गंगा के लिए भी एक यात्रा निकाली जाए।
मोक्षदायिनी मां अब जनमानस से दूर हो रही है। अगर वक्त रहते कुछ नहीं किया गया तो बाद में इसका गंभीर परिणाम जनमानस को झेलना होगा। सतुआ बाबा आश्रम के महंत संतोष दास ने राम मंदिर निमार्ण को बेहद आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में जब सब राजी हैं तो मंदिर का निमार्ण जल्द हो। अगर राम मंदिर का निर्माण अभी नहीं तो कभी नहीं।
ओम अनुग्रह यात्रा
ओम अनुग्रह यात्रा ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
ओम अनुग्रह यात्रा के बारे में श्री श्री ने कहा कि यह यात्रा सर्व समाज को जोड़ने के लिए निकली है। सारे समाज को अध्यात्म से जोड़ना होगा। यह संपूर्ण विश्व को जोड़ने वाली यात्रा का आरंभ है।
सुबह 11 बजे वाराणसी सिटी स्टेशन से चली कुल 18 बोगियों वाली ट्रेन में श्रीश्री के साथ उनके 1200 अनुयायी भी शामिल हुए। स्टेशन से ट्रेन चलने से पहले हर हर महादेव के जयकारे भी लगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन दिवसीय रेल यात्रा के दौरान वह शांति, प्रेम और सौहार्द का संदेश समाज के सभी वर्गों को देंगे। 28 फरवरी की शाम यह यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। इसके अलावा गोरखपुर के गोरक्षनाथ मठ में भी इस यात्रा का स्वागत होगा और आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से श्री श्री का प्रवचन भी किया जाएगा।
सुबह 11 बजे वाराणसी सिटी स्टेशन से चली कुल 18 बोगियों वाली ट्रेन में श्रीश्री के साथ उनके 1200 अनुयायी भी शामिल हुए। स्टेशन से ट्रेन चलने से पहले हर हर महादेव के जयकारे भी लगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन दिवसीय रेल यात्रा के दौरान वह शांति, प्रेम और सौहार्द का संदेश समाज के सभी वर्गों को देंगे। 28 फरवरी की शाम यह यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। इसके अलावा गोरखपुर के गोरक्षनाथ मठ में भी इस यात्रा का स्वागत होगा और आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से श्री श्री का प्रवचन भी किया जाएगा।