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यूपीः ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत, मृत दिखाकर रोकी 1100 लोगों की वृद्धा पेंशन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:40 PM IST
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यूपी के गाजीपुर में एक ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने हद ही कर दी। दोनों ने मिलीभगत करके 1100 लोगों को मृत दिखाकर उनकी वृद्धा पेंशन रोक दी। जांच में शिकायतें सही पाई गई। डीएम ने कहा कि शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होगा वह बचेगा नहीं। पेंशनधारियों को न्याय मिलेगा।
कासिमाबाद विकास खंड के बासुदेवपुर ग्राम पंचायत में 52 लोगों को वृद्धा पेंशन मिल रही थी। करीब छह माह से पेंशन न मिलने से परेशान बुजुर्ग जब बैंक और ब्लॉकों पहुंचे, तो पता चला कि उनका पेंशन रोक दी गई है।
ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है और उनकी जगह पर दूसरे लोगों के नाम अनुमोदित कर दिए गए हैं। इसकी जानकारी होने पर पेंशनर गुलाब राम, रामदेव यादव, ललिता राम एवं जनार्दन यादव ने डीएम को 15 सितंबर को पत्र दे कर पूरे मामले से अवगत कराया।
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इस पर डीएम के बालाजी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पूरे ब्लाक के पेंशनरों की जांच कराई। टीम की जांच में भी यह बात सामने आई है कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से जिंदा लोगों को मृत दिखा कर उन्हें पेंशन से वंचित किया गया है।
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कासिमाबाद विकास खंड के बासुदेवपुर ग्राम पंचायत में 52 लोगों को वृद्धा पेंशन मिल रही थी। करीब छह माह से पेंशन न मिलने से परेशान बुजुर्ग जब बैंक और ब्लॉकों पहुंचे, तो पता चला कि उनका पेंशन रोक दी गई है।
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ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है और उनकी जगह पर दूसरे लोगों के नाम अनुमोदित कर दिए गए हैं। इसकी जानकारी होने पर पेंशनर गुलाब राम, रामदेव यादव, ललिता राम एवं जनार्दन यादव ने डीएम को 15 सितंबर को पत्र दे कर पूरे मामले से अवगत कराया।
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इस पर डीएम के बालाजी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पूरे ब्लाक के पेंशनरों की जांच कराई। टीम की जांच में भी यह बात सामने आई है कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से जिंदा लोगों को मृत दिखा कर उन्हें पेंशन से वंचित किया गया है।