{"_id":"5b2d226f4f1c1bae6e8b968e","slug":"oil-tanker-going-miss-after-he-run-for-destination-with-oil","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिपो से डीजल लेकर निकला टैंकर बीच रास्ते से गायब, दो माह पहले चला था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिपो से डीजल लेकर निकला टैंकर बीच रास्ते से गायब, दो माह पहले चला था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Fri, 22 Jun 2018 09:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन आयल कारपोरेशन (आईओसी) के जयंत स्थित तेल डिपो से दो माह पूर्व 20 हजार लीटर डीजल लेकर निकला टैंकर अभी तक आईओसी व कोल प्रोजेक्ट नहीं पहुंचा। टैंकर के गायब होने की सूचना पर अफसरों में खलबली मच गई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यूपी के सोनभद्र जिले के जयंत क्षेत्र में आईओसी का तेल डिपो है। यहां से नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के साथ एनटीपीसी, एस्सार, जेपी मिनरल, रिलायंस कोल व पावर सहित कई निजी व सार्वजनिक उपक्रमों को तेल की आपूर्ति होती है।
बताते हैं कि 15 अप्रैल को आईओसी डिपो से बरगवां के पास स्थित जेपी मिनरल मझौली (जेपी कोल प्रोजेक्ट) के लिए टैंकर संख्या एमपी 66 एच 0152 बीस हजार लीटर डीजल लेकर निकला लेकिन दो माह बाद भी नहीं पहुंचा। रिकार्ड मिलान के दौरान जानकारी हुई तो जेपी प्रबंधन ने इससे आईओसी के अफसरों को अवगत कराया।
विज्ञापन
इसके बाद आईओसी अधिकारियों ने जानकारी क्षेत्रीय कार्यालय से साझा की और संबंधित ट्रांसपोर्टर को तलब किया लेकिन ट्रांसपोर्टर व उसके प्रतिनिधि नहीं पहुंचे और ना ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाए।
जेपी कोल प्रोजेक्ट ईंधन आपूर्ति से जुड़े राकेश शर्मा ने बताया कि मामला उजागर होने के बाद आईओसी ने संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने को कहा लेकिन कोल प्रबंधन ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उससे जांच से कोई लेना-देना नहीं।
जितने लीटर तेल की कीमत आईओसी को अदा किया है, वह उस तक सुरक्षित पहुंचना चाहिए। आईओसी जयंत के सीनियर डिपो प्रबंधक नीतिन कुमार ने कहा कि यह आईओसी व उसके ग्राहक के बीच का आंतरिक मामला है। इसे हम सार्वजनिक नहीं कर सकते ना ही इसके लिए अधिकृत हैं।
विज्ञापन
यूपी के सोनभद्र जिले के जयंत क्षेत्र में आईओसी का तेल डिपो है। यहां से नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के साथ एनटीपीसी, एस्सार, जेपी मिनरल, रिलायंस कोल व पावर सहित कई निजी व सार्वजनिक उपक्रमों को तेल की आपूर्ति होती है।
विज्ञापन
बताते हैं कि 15 अप्रैल को आईओसी डिपो से बरगवां के पास स्थित जेपी मिनरल मझौली (जेपी कोल प्रोजेक्ट) के लिए टैंकर संख्या एमपी 66 एच 0152 बीस हजार लीटर डीजल लेकर निकला लेकिन दो माह बाद भी नहीं पहुंचा। रिकार्ड मिलान के दौरान जानकारी हुई तो जेपी प्रबंधन ने इससे आईओसी के अफसरों को अवगत कराया।
विज्ञापन
इसके बाद आईओसी अधिकारियों ने जानकारी क्षेत्रीय कार्यालय से साझा की और संबंधित ट्रांसपोर्टर को तलब किया लेकिन ट्रांसपोर्टर व उसके प्रतिनिधि नहीं पहुंचे और ना ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाए।
जेपी कोल प्रोजेक्ट ईंधन आपूर्ति से जुड़े राकेश शर्मा ने बताया कि मामला उजागर होने के बाद आईओसी ने संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने को कहा लेकिन कोल प्रबंधन ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उससे जांच से कोई लेना-देना नहीं।
जितने लीटर तेल की कीमत आईओसी को अदा किया है, वह उस तक सुरक्षित पहुंचना चाहिए। आईओसी जयंत के सीनियर डिपो प्रबंधक नीतिन कुमार ने कहा कि यह आईओसी व उसके ग्राहक के बीच का आंतरिक मामला है। इसे हम सार्वजनिक नहीं कर सकते ना ही इसके लिए अधिकृत हैं।