वाराणसी: हल्दी रस्म के बीच पहुंचे अधिकारी, रुकवाया बाल विवाह
चाइल्ड लाइन टीम की सक्रियता से एक बिटिया वधू बनने से बच गई। बेटी को शेल्टर होम में रखकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
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वाराणसी में चाइल्ड लाइन टीम की सक्रियता से बुधवार को दुर्गाकुंड क्षेत्र में रहने वाली ‘बिटिया’ को बालिका वधू बनने से बचा लिया गया। परिवार वाले नाबालिग बेटी की शादी के लिए हल्दी की रस्म निभा रहे थे। बेटी को शेल्टर होम में रखकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
दुर्गाकुंड क्षेत्र के एक इलाके में रहने वाली किशोरी का बाल विवाह हो रहा था। घर में हल्दी की रस्में निभाई जा रही थीं, इस दौरान चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर किसी ने सूचना दी। चाइल्ड लाइन के निदेशक मंजू मैथ्यू ने जिला बाल कल्याण अधिकारी निरुपमा सिंह से संपर्क किया।
इसके बाद चाइल्ड लाइन व जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम भेलूपुर पुलिस के साथ दुर्गाकुंड मलिन बस्ती पहुंची और हल्दी की रस्म रुकवा दी। पूछताछ में पता चला कि कुछ साल पहले पिता का निधन हो चुका है। उसकी मां सफाईकर्मी है, बेटी अपने भाई और भाभी के पास रह रही थी। दोनों ने पैसों के लालच में बेटी की शादी लंका निवासी युवक से तय कर दी थी।
मामले का खुलासा होने के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर बेटी को शेल्टर होम में रखा गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने बताया कि किशोरी पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए उसका कोई आयु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। किशोरी के वास्तविक उम्र का पता लगाने के लिए उसका मेडिकल कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।