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वाराणसी :  घरों के पास की मस्जिदों में ही अदा करें नमाज, मुफ्ती ए शहर ने मुस्लिम समुदाय से की अपील

Thu, 17 Mar 2022 07:17 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 17 Mar 2022 07:17 PM IST
सार

मुफ्ती ए शहर ने कहा कि  जुमा, शब ए बरात और होली एक ही दिन होना इत्तेफाक की बात है। यह तीनों अवसर मुसलमानों और हिन्दुओं के लिए एहतिराम और खुशी के होते हैं। 

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Offer Namaz only in mosques near homes in Varanasi, Mufti-e-Shahar appeals to Muslim community
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाराणसी में होली, शब ए बरात और जुमे की नमाज को देखते हुए धर्मगुरुओं की ओर से अपील जारी की गई है। लोगों से अपने घर के पास की मस्जिद में ही नमाज पढ़ने और भाईचारे के साथ ही एक दूसरे के त्योहार को मनाने की अपील की गई है। 

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मुफ्ती ए शहर अब्दुल बातिन नोमानी की ओर से मुस्लिम समुदाय के लिए अपील जारी की गई है। उन्होंने होली के दिन शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग किसी दूर की मस्जिद में नमाज पढ़ने की बजाय अपने घर के पास की मस्जिद में नमाज पढ़ें।
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दरअसल, इस बार 18 मार्च को ही जुमा, शब ए बरात और होली पड़ रही है। मुफ्ती ए शहर ने कहा कि  जुमा, शब ए बरात और होली एक ही दिन होना इत्तेफाक की बात है। यह तीनों अवसर मुसलमानों और हिन्दुओं के लिए एहतिराम और खुशी के होते हैं।
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वहीं शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने भी दोनों वर्गों से एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वर्ग से जुमे की नमाज के समय को आगे बढ़ाने की भी अपील की है। 

यह हैं सुझाव
- 18 मार्च को जुमा, शबे बरात और होली पर देश की गंगा जमुनी तहजीब के साथ एक दूसरे के धार्मिक जज्बात का ख्याल रखें।
- मुसलमान अपने-अपने मोहल्ले की मस्जिद में ही नमाज अदा करें।
- जिन मस्जिद में जुमे की नमाज 12:30 से एक बजे के बीच में होती हैं वहां 30 मिनट आगे बढ़ा दें।
- शब ए बरात में मुसलमान अपने मरहूम रिश्तेदारों के ईसाले सवाब के लिए कब्रिस्तान जाते हैं। वह शाम पांच बजे के बाद ही जाएं।

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