एनटीपीसी रिटायर्ड अफसर हत्याकांड: मास्टरमाइंड दंपती सहित आठ आरोपियों पर लगा गैंगस्टर, करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की गई थी हत्या
पुलिस ने बताया कि सेवानिवृत एनटीपीसी के अधिकारी की हत्या उनकी करोड़ों की संपत्ति को हथियाने के लिए की गई थी। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मास्टरमाइंड दंपती सहित आठ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
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एनटीपीसी रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही हत्याकांड में मास्टरमाइंड दंपती सहित आठ आरोपियों पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जेल में बंद आरोपियों पर कैंट थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभी हाल में ही इस केस को फास्ट ट्रैक ट्रायल करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को अनुरोध पत्र भी भेजा है।
करोड़ों रुपये की संपत्ति हथियाने के लिए मार्तंड शाही की कानपुर के नौबस्ता में हत्या कर दी गई थी। आठ अगस्त को मार्तंड शाही का शव नौबस्ता पुलिस ने बरामद किया था। कैंट थाना अंतर्गत छावनी क्षेत्र के बुद्ध विहार कॉलोनी निवासी मार्तंड शाही को धोखे में रखकर उनकी करोड़ों की संपत्ति ककरमत्ता क्षेत्र के जानकी नगर स्थित शिव शक्ति अपार्टमेंट में रहने वाले राजेश कुमार चौहान और उसकी पत्नी कंचन सिंह चौहान ने दानपात्र करा लिया।
मूलरूप से गाजीपुर के करीमुद्दीन थाना क्षेत्र के असावर के रहने वाले राजेश और कंचन ने मार्तंड शाही की हत्या कर उनका तीन मंजिला मकान कब्जा करने की साजिश गोरखपुर के सेमरा चिलुआताल के बृजेश यादव, करजहो चिलुआताल के रमेश यादव, जौनपुर के पोखरा के दिनेश कुमार सिंह, गोरखपुर के सुभाष चंद्र बोस नगर के सुबोध कुमार द्विवेदी और भोजूबीर के निगमेंद्र सिंह सिसोदिया और भरलाई शिवपुरनिवासी राजेश कुमार के साथ रची थी।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि दंपती सहित आठ के ऊपर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इस केस में पुलिस ने न्यायालय में चार्ज शीट दाखिल कर दी है। 90 दिन चली तफ्तीश में पुलिस ने 1345 पन्ने की सीडीआर का आंकलन और 63 गवाहों के बयान लेने के बाद हत्या में शामिल आठ आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा करते हुए आरोप पत्र तैयार किया।