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राहत के बीच अब दुश्वारियों की बाढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:45 AM IST
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बाढ़
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गंगा, गोमती, वरुणा और नाद नदी में उफान से मची तबाही के बाद जलस्तर में घटाव होने से लोग जहां राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं बाढ़ की दुश्वारियां ने जीना मुश्किल कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाने-पीने और चारे-भूसे की समस्या के साथ ही अब संक्रामक बीमारियों की दस्तक से मुसीबतें बढ़ गई हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं, राजनीतिक दलों और प्रशासन की मदद बाढ़ में फंसे हजारों परिवारों के लिए नाकाफी साबित हो रही है। यही वह है कि शिविर में राहत सामग्री पहुंचते ही मारामारी की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है।
चौबेपुर संवाददाता के अनुसार बाढ़ से घिरे पिपरी गांव में पानी के सिमटने से दुर्गंध और बीमारियां फैल रही हैं। शनिवार को यहां सीएचसी चोलापुर की टीम ने लोगों की जांच की और दवाइयां बांटीं। ज्यादातर लोगों में मलेरिया, वायरल बुखार और खाज-खुजली की समस्या पाई गई। वहीं, पशुओं में गलाघोंटू नामक बीमारी फैल गई है। दूसरी समस्या, खाना-पानी और भूसे की है। मठिया गाँव में तो भूसा वितरण के समय ग्रामीण ऐसे टूट पड़े कि हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
ऐसे में लेखपाल को पुलिस बुलानी पड़ी। सरसौल, लुठा, परनापुर, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, चन्द्रावती, कैथी, चंद्रावती, ढकवा, रामपुर, मुस्तफाबाद, अंबा, अमौली, कुकुढहां और शिवदशा आदि गाँवों में भी कमोबेश यही हालात हैं। चिरईगांव संवाददाता के अनुसार चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने ढाब में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी की ओर से कृष्ण कुमार सिंह के नेतृत्व में चौबेपुर के पिपरी, मठिया, हरिहरपुर, भगवानपुर, लक्ष्मीसेनपुर, धौरहरा आदि गांवों में राहत सामग्री बांटी गई।
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आराजीलाइन क्षेत्र के शाहंशाहपुर, सिहोरवा और जमुनी में अपना दल नेता नील रतन पटेल नीलू, बीजेपी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और पूर्व डिप्टी मेयर संजय राय ने राहत सामग्री बांटी। आईडीबीआई बैंक चौक शाखा की ओर से कोनिया क्षेत्र में राहत सामग्री बांटी गई।
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चौबेपुर संवाददाता के अनुसार बाढ़ से घिरे पिपरी गांव में पानी के सिमटने से दुर्गंध और बीमारियां फैल रही हैं। शनिवार को यहां सीएचसी चोलापुर की टीम ने लोगों की जांच की और दवाइयां बांटीं। ज्यादातर लोगों में मलेरिया, वायरल बुखार और खाज-खुजली की समस्या पाई गई। वहीं, पशुओं में गलाघोंटू नामक बीमारी फैल गई है। दूसरी समस्या, खाना-पानी और भूसे की है। मठिया गाँव में तो भूसा वितरण के समय ग्रामीण ऐसे टूट पड़े कि हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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ऐसे में लेखपाल को पुलिस बुलानी पड़ी। सरसौल, लुठा, परनापुर, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, चन्द्रावती, कैथी, चंद्रावती, ढकवा, रामपुर, मुस्तफाबाद, अंबा, अमौली, कुकुढहां और शिवदशा आदि गाँवों में भी कमोबेश यही हालात हैं। चिरईगांव संवाददाता के अनुसार चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने ढाब में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी की ओर से कृष्ण कुमार सिंह के नेतृत्व में चौबेपुर के पिपरी, मठिया, हरिहरपुर, भगवानपुर, लक्ष्मीसेनपुर, धौरहरा आदि गांवों में राहत सामग्री बांटी गई।
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आराजीलाइन क्षेत्र के शाहंशाहपुर, सिहोरवा और जमुनी में अपना दल नेता नील रतन पटेल नीलू, बीजेपी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और पूर्व डिप्टी मेयर संजय राय ने राहत सामग्री बांटी। आईडीबीआई बैंक चौक शाखा की ओर से कोनिया क्षेत्र में राहत सामग्री बांटी गई।