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Varanasi News: अब दक्षिण अफ्रीका में जौहर दिखाएंगे काशी के गौरव गुरांश
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फोटो
अब दक्षिण अफ्रीका में जौहर दिखाएंगे काशी के गौरव गुरांश
टीम इंडिया में खेलने का है सपना, खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल
अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में चार विकेट लेकर यूपी को दिलाई जीत
वैशाली मिश्रा
वाराणसी। पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब...। इस कहावत से ठीक उलट है गुरांश की कहानी। गुरांश की उम्र कम है, लेकिन उनकी उपलब्धियां बड़ी हैं। वह टीम इंडिया के लिए खेलना चाहते हैं।
कबीरचौरा निवासी सन्नी जोहर के 15 वर्षीय बेटे गुरांश ने अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलते हुए तमिलनाडु के खिलाफ चार विकेट लिए। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि काशी का भी नाम रोशन किया। अब गुरांश जनवरी में साउथ अफ्रीका में होने वाले आमंत्रण प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।
बसंत पब्लिक स्कूल में 10वीं के छात्र गुरांश खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। बाएं हाथ के 15 वर्षीय बॉलर गुरांश छोटी उम्र से ही क्रिकेट का अभ्यास करने लगे थे। पिता सन्नी ने बताया कि घर के सामने बने ग्राउंड में जब बड़ों को क्रिकेट खेलते देखता था, तो बैट बॉल उठाकर वहां पहुंच जाता था। हमने उसे कभी मना नहीं किया।
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कोच सीमांत ने बताया कि आठ घंटे के अभ्यास के बाद भी गुरांश मैदान में टिका रहता है। कभी-कभी उसे डांटकर भगाना पड़ता है। स्कूल से छुट्टी होने के बाद सीधे मैदान में पहुंच जाता है। खेल के प्रति जज्बे व लग्न की बदौलत उसने छोटी उम्र में कई मुकाम हासिल किए हैं। संवाद
जहीर और इरफान पठान जैसे बनना चाहते हैं
सीमांत बताते हैं कि दाहिने हाथ के बॉलर तो सभी होते हैं, लेकिन गुरांश बाएं हाथ से बॉलिंग करते हैं। उनका सपना जहीर खान और इरफान पठान जैसे बनने का है। गुरांश ने बताया कि उनका सपना टीम इंडिया के लिए खेलने का है। वह बॉलर अर्शदीप को भी टीवी पर देखकर सीखते हैं।
दुबई में कर चुके हैं प्रतिभाग
गुरांश इससे पहले दुबई में आयोजित फोर नेशन मैच में प्रतिभाग कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली क्लब की ओर से मैच खेला था। प्रयागराज में आयोजित राज्यस्तरीय मैच में वाराणसी टीम की कमान संभाली थी।
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अब दक्षिण अफ्रीका में जौहर दिखाएंगे काशी के गौरव गुरांश
टीम इंडिया में खेलने का है सपना, खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल
अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में चार विकेट लेकर यूपी को दिलाई जीत
वैशाली मिश्रा
वाराणसी। पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब...। इस कहावत से ठीक उलट है गुरांश की कहानी। गुरांश की उम्र कम है, लेकिन उनकी उपलब्धियां बड़ी हैं। वह टीम इंडिया के लिए खेलना चाहते हैं।
कबीरचौरा निवासी सन्नी जोहर के 15 वर्षीय बेटे गुरांश ने अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलते हुए तमिलनाडु के खिलाफ चार विकेट लिए। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि काशी का भी नाम रोशन किया। अब गुरांश जनवरी में साउथ अफ्रीका में होने वाले आमंत्रण प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।
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बसंत पब्लिक स्कूल में 10वीं के छात्र गुरांश खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। बाएं हाथ के 15 वर्षीय बॉलर गुरांश छोटी उम्र से ही क्रिकेट का अभ्यास करने लगे थे। पिता सन्नी ने बताया कि घर के सामने बने ग्राउंड में जब बड़ों को क्रिकेट खेलते देखता था, तो बैट बॉल उठाकर वहां पहुंच जाता था। हमने उसे कभी मना नहीं किया।
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कोच सीमांत ने बताया कि आठ घंटे के अभ्यास के बाद भी गुरांश मैदान में टिका रहता है। कभी-कभी उसे डांटकर भगाना पड़ता है। स्कूल से छुट्टी होने के बाद सीधे मैदान में पहुंच जाता है। खेल के प्रति जज्बे व लग्न की बदौलत उसने छोटी उम्र में कई मुकाम हासिल किए हैं। संवाद
जहीर और इरफान पठान जैसे बनना चाहते हैं
सीमांत बताते हैं कि दाहिने हाथ के बॉलर तो सभी होते हैं, लेकिन गुरांश बाएं हाथ से बॉलिंग करते हैं। उनका सपना जहीर खान और इरफान पठान जैसे बनने का है। गुरांश ने बताया कि उनका सपना टीम इंडिया के लिए खेलने का है। वह बॉलर अर्शदीप को भी टीवी पर देखकर सीखते हैं।
दुबई में कर चुके हैं प्रतिभाग
गुरांश इससे पहले दुबई में आयोजित फोर नेशन मैच में प्रतिभाग कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली क्लब की ओर से मैच खेला था। प्रयागराज में आयोजित राज्यस्तरीय मैच में वाराणसी टीम की कमान संभाली थी।