Varanasi: अब अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बनेगा बच्चों का आधार कार्ड, जानें तरीका व अन्य जानकारी
मौजूदा समय में आधार कार्ड हम सभी के लिए बहुत जरूरी हो गया है। सिर्फ बड़ों के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है।
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वाराणसी जिले के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर अब बच्चों के जन्म के बाद वहीं पर आधार कार्ड बनवाया जा सकेगा। इसके लिए आधारबद्ध जन्म पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत 11 जगहों पर हो गई है। यहां लोग आधार कार्ड बनवा सकते हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि हरियाणा राज्य में लागू आधारबद्ध जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया वाराणसी सहित 56 आकांक्षीय जिले में शुरू की गई है।
बताया कि बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, मुख्यमंत्री द्वारा गोद ली गई सीएचसी हाथी बाजार सहित जिला महिला चिकित्सालय, एलबीएस चिकित्सालय रामनगर, सीएचसी चोलापुर, सीएचसी अराजीलाइन, सीएचसी मिसिरपुर काशी विद्यापीठ, पीएचसी सेवापुरी, पीएचसी चिरईगांव, पीएचसी पिंडरा, पीएचसी बड़ागांव में जन्म लेने वाले बच्चों का नि:शुल्क आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। अब तक जिले में कुल 770 शिशुओं का आधारबद्ध जन्म पंजीकरण बनाए जा चुके हैं।
यह होगी प्रक्रिया
माता या पिता के आधार के जरिये शिशु का आधारबद्ध जन्म पंजीकरण बनेगा। इसके लिए माता या पिता का जो मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा रहेगा, उसमें वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के माध्यम से आधारबद्ध जन्म पंजीकरण आसानी से निकाला जा सकेगा।
मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होगा तो लिंक कराने के लिए सरकारी शुल्क 50 रुपये देना होगा। आधारबद्ध जन्म पंजीकरण के लिए लाभार्थियों (माता-पिता) को अपना आधार व शिशु का जन्म प्रमाणपत्र साथ में लाना होगा।
इसके अलावा शून्य से पांच वर्ष के सभी बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सकता है इसके लिए बच्चे का ऑनलाइन जन्म प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।