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सरकारी कर्मचारियों को बना दिया शौचालय का लाभार्थी, ग्राम प्रधान-सचिव को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 22 May 2017 02:14 AM IST
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बाबतपुर गांव जांच करने पहुंचे सीडीओ।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ के लिए चयनित गांवों में शौचालयों के निर्माण में जमकर घपलेबाजी की गई है। ‘अमर उजाला’ की खबरों को संज्ञान में लेते हुए रविवार को बाबतपुर गांव पहुंचे सीडीओ ने सत्यापन किया तो घपले की परतें खुलती गईं। यहां गरीबों का हक मार कर सरकारी कर्मचारियों को भी शौचालय का लाभार्थी बना दिया गया है। शौचालयों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका। इस पर सीडीओ ने ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया। साथ ही बीडीओ को मामले की जांच कराने और अपात्रों से रिकवरी का निर्देश दिया।
चोलापुर ब्लॉक के खुले में शौचमुक्त घोषित किए जा चुके बाबतपुर, रजला, महदा आदि गांवों में शौचालयों के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। अमर उजाला ने इन गांवों में घपलेबाजी उजागर की तो प्रशासन जागा। हकीकत जानने के लिए सीडीओ सुनील कुमार वर्मा रविवार को परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी और बीडीओ के साथ बाबतपुर गांव पहुंचे। प्राथमिक पाठशाला में चौपाल लगाकर सीडीओ ने गांव में बने 206 शौचालयों के सत्यापन के लिए पूछताछ शुरू की तो ग्रामीणों ने एक-दूसरे की कलई खोलते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी।
जांच में पता चला कि कमीशन के चक्कर में ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर शिक्षक, कोटेदार, पुलिस और सफाईकर्मियों समेत आधा दर्जन अपात्रों के घर भी शौचालय बनवा दिए हैं जबकि जरूरतमंद गरीब इससे वंचित रह गए हैं। कई शौचालय अधूरे होने की बात भी ग्रामीणों ने बताई। धांधली सामने आने पर ग्राम प्रधान हाथ जोड़ कर माफी मांगने लगा। इस पर सीडीओ ने प्रधान को फटकार लगाते हुए जेल भेजने की चेतावनी दी। साथ ही ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी आसाराम वर्मा को कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। कहा कि जांच जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपात्रों से धन की वसूली की जाएगी। सीडीओ ने प्रधान को अधूरे शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा कराने और बीडीसी सदस्य लाले चौबे द्वारा बनवाए गए 20 शौचालयों का भुगतान ग्राम पंचायत से करने को कहा।
इनसेट-
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महदा, रजला, नियारडीह में भी होगी जांच
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि खुले में शौचमुक्त गांव महदा, रजला और नियारडीह में भी शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायतें मिलीं हैं। इन गांवों में भी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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चोलापुर ब्लॉक के खुले में शौचमुक्त घोषित किए जा चुके बाबतपुर, रजला, महदा आदि गांवों में शौचालयों के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। अमर उजाला ने इन गांवों में घपलेबाजी उजागर की तो प्रशासन जागा। हकीकत जानने के लिए सीडीओ सुनील कुमार वर्मा रविवार को परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी और बीडीओ के साथ बाबतपुर गांव पहुंचे। प्राथमिक पाठशाला में चौपाल लगाकर सीडीओ ने गांव में बने 206 शौचालयों के सत्यापन के लिए पूछताछ शुरू की तो ग्रामीणों ने एक-दूसरे की कलई खोलते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी।
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जांच में पता चला कि कमीशन के चक्कर में ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर शिक्षक, कोटेदार, पुलिस और सफाईकर्मियों समेत आधा दर्जन अपात्रों के घर भी शौचालय बनवा दिए हैं जबकि जरूरतमंद गरीब इससे वंचित रह गए हैं। कई शौचालय अधूरे होने की बात भी ग्रामीणों ने बताई। धांधली सामने आने पर ग्राम प्रधान हाथ जोड़ कर माफी मांगने लगा। इस पर सीडीओ ने प्रधान को फटकार लगाते हुए जेल भेजने की चेतावनी दी। साथ ही ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी आसाराम वर्मा को कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। कहा कि जांच जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपात्रों से धन की वसूली की जाएगी। सीडीओ ने प्रधान को अधूरे शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा कराने और बीडीसी सदस्य लाले चौबे द्वारा बनवाए गए 20 शौचालयों का भुगतान ग्राम पंचायत से करने को कहा।
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महदा, रजला, नियारडीह में भी होगी जांच
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि खुले में शौचमुक्त गांव महदा, रजला और नियारडीह में भी शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायतें मिलीं हैं। इन गांवों में भी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।