Varanasi Traffic: उत्तर रेलवे ने इस वजह से लिया 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, लेकिन यातायात पुलिस को नहीं है जानकारी
कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और एनआई कार्य के चलते ट्रेनों का आवागमन बंद रहेगा। स्टेशन से जो एक लाख यात्री आते-जाते हैं, वह दूसरे स्टेशनों पर जाएंगे। इसके बावजूद उत्तर रेलवे प्रशासन ने यातायात पुलिस को भरोसे में नहीं लिया है। बनारस स्टेशन से पहले ही ज्यादा ट्रेनों के संचालन होता है।
विस्तार
उत्तर रेलवे प्रशासन कैंट रेलवे स्टेशन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक ले रहा है, लेकिन इसकी सूचना यातायात पुलिस को नहीं दी गई है। इससे बनारस, शिवपुर व लोहता स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव बढ़ेगा। जाम की समस्या और गहराएगी। वंदे भारत भी बनारस रेलवे स्टेशन से चलनी है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते एक सितंबर से 15 अक्तूबर तक मेगा ब्लॉक लेने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और एनआई कार्य के चलते ट्रेनों का आवागमन बंद रहेगा। स्टेशन से जो एक लाख यात्री आते-जाते हैं, वह दूसरे स्टेशनों पर जाएंगे। इसके बावजूद उत्तर रेलवे प्रशासन ने यातायात पुलिस को भरोसे में नहीं लिया है। बनारस स्टेशन से पहले ही ज्यादा ट्रेनों के संचालन होता है। एक सितंबर से ट्रेनें और बढ़ेंगी। इससे मंडुवाडीह, लहरतारा, भिखारीपुर तिराहे पर यातायात का दबाव बढ़ेगा। डेढ़ महीने तक और जाम झेलना पड़ेगा। शिवगंगा और नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट के पहुंचने के दौरान ही बनारस स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वार पर जाम लग जाता है। द्वितीय प्रवेश द्वार का जाम कभी-कभी मंडुवाडीह चौराहे तक पहुंच जाता है। उधर, प्रथम प्रवेश द्वार के सामने महमूरगंज को जाने वाले मार्ग तक वाहनों की लाइन लग जाती है।
मेगा ब्लॉक या फिर किसी योजना की जानकारी नहीं दी गई है। सुगम यातायात बनाए रखने को लेकर टीआई से लेकर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तक मुस्तैद रहते हैं। यदि रेलवे से कोई पत्र आता है तो उसकी व्यवस्था कराई जाएगी। - राजेश पांडेय, एडीसीपी, यातायात
वर्तमान में बनारस स्टेशन
एक से आठ नंबर तक प्लेटफार्म
प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वार
44 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं रोजाना
25 हजार यात्रियों का है फुटफाॅलब
मेगा ब्लॉक के बाद
करीब 65 जोड़ी ट्रेनें गुजरेंगी
40 हजार होगा फुटफॉल