वाराणसी में बढ़ रहा कोरोना, उधर दो हजार कर्मचारियों वाले बीएचयू में एक भी डाटा एंट्री ऑपरेटर नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में कोरोना संक्रमण काल में जिला प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगाकर इस महामारी को रोकने में जुटा है, वहीं बीएचयू के रवैये से अधिकारी स्तब्ध हैं। हाल ही में जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बीएचयू में खाली आयुर्वेद सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों का डाटा मांगा तो बीएचयू के कुलपति ने दो टूक जवाब दिया कि हमारे पास कोई डाटा एंट्री ऑपरेटर ही नहीं है।
दरअसल, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान कार्यों की अधिकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बीएचयू कुलपति से डाटा एंट्री ऑपरेटर की मांग की है। कुलपति को लिखे पत्र में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया है कि पिछले दिनों यह बताया गया कि बीएचयू में एक भी डाटा एंट्री ऑपरेटर नहीं है।
बीएचयू एक बहुत बड़ा संस्थान है, जिसमें सैकड़ों डाटा एंट्री ऑपरेटर काम करते हैं। डीएम ने सभी विभागों से जितने भी कर्मचारियों को कंप्यूटर की जानकारी है। उन सभी कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे कि बीएचयू के विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में इन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा सके। साथ ही जिला स्तर पर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जा सके।
इसके अलावा कुलपति से आयुर्वेद संकाय में तैनात डॉक्टर, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के साथ आयुर्वेद में दक्ष विभागवार कर्मचारियों भी सूची मांगी है। जिससे कि उनकी ड्यूटी अन्य अस्पतालों में लगाई जा सके। उन्हें एक-दो दिन के अंदर ही रिपोर्ट करना होगा। साथ ही किसी को भी छुट्टी नही दी जाएगी और लोगों को 2 महीने तक ड्यूटी करने के लिए प्रेरित किया जाए।