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वाराणसी में नितिन गडकरी ने किया वादा, मार्च तक 70 से 80 प्रतिशत निर्मल हो जाएगी गंगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:06 AM IST
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गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा को निर्मल करने का प्रधानमंत्री का सपना था। प्रधानमंत्री ने वाराणसी का सांसद बनने से पहले कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। उन्होंने गंगा को शुद्ध करने का संकल्प लिया है। मैं विश्वास देता हूं कि मार्च, 2019 तक 70 से 80 प्रतिशत तक गंगा शुद्ध होगी।
उन्होंने कहा, अविरल गंगा के लिए बैराज से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। तय किया गया है कि गंगोत्री से गंगासागर तक मार्च के बाद गंगा का जलस्तर कम से कम दो मीटर रखा जाएगा। गंगा निर्मलीकरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से वाराणसी में आठ और देश में 268 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कुछ समय पहले 80 जगहों पर गंगा जल की जांच कराई गई, इसमें 55 जगह पर जल शुद्ध मिला।
दावा किया, पीएम के कार्यकाल के जब पांच साल पूरे होंगे, वह उत्तर प्रदेश को दो लाख करोड़ रुपये की सुंदर सड़कें बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विश्वास दिलाया कि प्रदेश की चीनी मिलों में तैयार होने वाले एथनाल से जल वाहक शुरू करने का इरादा है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा में जल परिवहन की शुरुआत में 1986 में हुई थी। जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने, कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ल्ड र्बैंक से 5400 करोड़ रुपये की मदद से वाराणसी, गाजीपुर, हल्दिया में मल्टी मॉडल हब बन रहा है। जब मैं कहता था कि गंगा में क्रूज चलेंगे।
मालवाहक जहाज चलाएंगे तो लोग हंसते थे। पीएम मोदी ने स्वाधीनता के बाद पहली बार यहां 16 कंटेनर उतरवाए हैं। जल मार्ग से जल्दी ही 80 लाख टन कार्गो का ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा। दो साल के अंदर 270 लाख टन माल जल परिवहन से आएगा। सड़क से 10 रुपये, रेल से छह रुपये लगेंगे तो जल मार्ग से माल मंगाने पर एक रुपया लगेगा।
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उन्होंने कहा, अविरल गंगा के लिए बैराज से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। तय किया गया है कि गंगोत्री से गंगासागर तक मार्च के बाद गंगा का जलस्तर कम से कम दो मीटर रखा जाएगा। गंगा निर्मलीकरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से वाराणसी में आठ और देश में 268 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कुछ समय पहले 80 जगहों पर गंगा जल की जांच कराई गई, इसमें 55 जगह पर जल शुद्ध मिला।
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दावा किया, पीएम के कार्यकाल के जब पांच साल पूरे होंगे, वह उत्तर प्रदेश को दो लाख करोड़ रुपये की सुंदर सड़कें बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विश्वास दिलाया कि प्रदेश की चीनी मिलों में तैयार होने वाले एथनाल से जल वाहक शुरू करने का इरादा है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा में जल परिवहन की शुरुआत में 1986 में हुई थी। जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने, कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ल्ड र्बैंक से 5400 करोड़ रुपये की मदद से वाराणसी, गाजीपुर, हल्दिया में मल्टी मॉडल हब बन रहा है। जब मैं कहता था कि गंगा में क्रूज चलेंगे।
मालवाहक जहाज चलाएंगे तो लोग हंसते थे। पीएम मोदी ने स्वाधीनता के बाद पहली बार यहां 16 कंटेनर उतरवाए हैं। जल मार्ग से जल्दी ही 80 लाख टन कार्गो का ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा। दो साल के अंदर 270 लाख टन माल जल परिवहन से आएगा। सड़क से 10 रुपये, रेल से छह रुपये लगेंगे तो जल मार्ग से माल मंगाने पर एक रुपया लगेगा।
बताया कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मांग पर जल्दी ही प्रयागराज तक जलमार्ग शुरू कराने जा रहे हैं। इलाहाबाद में चार पोर्ट बना रहे हैं। कुंभ में यहां कैटर बेयर (रोरो सर्विस) शुरू होगी। इसके जरिए वाराणसी से इलाहाबाद सवा घंटे में पहुंचा जा सकेगा। गंगा में फाइव और सेवन स्टार क्रूज चलेंगे।
उन्होंने मछलीशहर के सांसद राम चरित्र निषाद को विश्वास दिलाया कि गंगा में पानी के साथ मछलियां भी रहेंगी। निषाद समाज मछली पालन कर सकेगा। पर्यटन के नए अवसर बढ़ने से वाराणसी की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर एयरपोर्ट तो था लेकिन शहर में जाने के लिए सड़क अच्छी नहीं थी। अब बाबतपुर से शहर के बीच फोरलेन बनने से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने मछलीशहर के सांसद राम चरित्र निषाद को विश्वास दिलाया कि गंगा में पानी के साथ मछलियां भी रहेंगी। निषाद समाज मछली पालन कर सकेगा। पर्यटन के नए अवसर बढ़ने से वाराणसी की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर एयरपोर्ट तो था लेकिन शहर में जाने के लिए सड़क अच्छी नहीं थी। अब बाबतपुर से शहर के बीच फोरलेन बनने से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी।