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कोरोना के नए वैरिएंट का कहर: सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों के लिए गाइडलाइन जारी, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
Sun, 24 Dec 2023 02:17 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 24 Dec 2023 02:17 PM IST
सार
बीएचयू अस्पताल, जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड की जांच भी कराई जा सकेगी। दो दिन पहले ही शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। इसमें इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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कोरोना के नए वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के बढ़ते प्रभाव के बाद शासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण की समस्या वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। साथ ही आईएमएस बीएचयू में जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी।
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बीएचयू अस्पताल, जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड की जांच भी कराई जा सकेगी। दो दिन पहले ही शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। इसमें इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पिछले दिनों ऑक्सीजन प्लांट संचालन को लेकर मॉकडि्रल के बाद अब सभी जगहों पर जांच से जरूरी उपकरणों का सत्यापन, दवाइयों के स्टाक का मिलान करने को कहा गया है। सीएमओ का कहना है कि सभी अस्पतालों कोरोना जांच की पूरी व्यवस्था है। पहले से बीमार लोगों, विशेषकर हृदय, सांस वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर आरटीपीसीआर जांच भी करवाई जाएगी। इसके अलावा जीनोम सिक्वेसिंग के लिए पूर्व की भांति इस बार भी सैंपल आईएमएस बीएचयू भिजवाए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही आईएमएस निदेशक को पत्र भेजा जाएगा।
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क्या है जीनोम सिक्वेसिंग
कोरोना के संक्रमित मरीजों का सैंपल एकत्र कर उसे जीनोम सिक्वेसिंग के लिए लैब में भेजा जाता है। इसके माध्यम से संबंधित वायरस के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की जाती है। संबंधित वायरस कोविड की पूर्व में प्रभावी किस वायरस से जुड़ा है। इसकी जेनेटिक जानकारी भी इसी से मिलती है। कोविड का संबंधित वैरिएंट कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसका म्यूटेशन भी जीनोम सिक्वेसिंग से ही पता लगाया जाता है।
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