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Varanasi: सुभाष के सत्य पर नए शोध जरूरी, इंद्रेश कुमार बोले- नेताजी के नाम पर कराची से काशी तक सब एक थे
Mon, 23 Jan 2023 09:52 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 23 Jan 2023 09:52 AM IST
सार
लमही स्थित सुभाष भवन में विशाल भारत संस्थान की ओर से आयोजित सुभाष जयंती समारोह के चौथे दिन इंद्रेश कुमार ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के सत्य पर नए शोध की जरूरत है।
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आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि अखंड भारत की आजादी का पूरा खाका सुभाष चंद्र बोस के पास था। आजाद हिंद फौज को जब 10 देशों की सरकारों ने मान्यता दे दी तो उन्होंने वैधानिक तरीके से देश को आजाद कराने की शपथ ली। नेताजी के शपथ ने ही हिंदुस्तान को आजादी दिलाई।
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नेताजी होते तो देश का बंटवारा नहीं होता। देश के विभाजन से बड़ी त्रासदी दूसरी नहीं हो सकती है। रविवार को लमही स्थित सुभाष भवन में विशाल भारत संस्थान की ओर से आयोजित सुभाष जयंती समारोह के चौथे दिन इंद्रेश कुमार ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के सत्य पर नए शोध की जरूरत है।
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विश्वविद्यालयों में सुभाष चेयर स्थापित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने आजाद हिंद फौजियों के नाम तक मिटा दिए। अब इतिहास स्वीकार कर रहा है कि आजाद हिंद सरकार ने वैधानिक रूप से देश को आजादी दिलाई है। मुख्य अतिथि डॉ. के सिरि सुमेधा थेरो ने कहा कि नेता तो बहुत हैं पर नेताजी तो सुभाष चंद्र बोस ही हैं।
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बीएचयू की प्रो. बिंदा परांजपे ने कहा कि नेताजी ने नारी शक्ति को पहचाना और राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका तय की। प्रो. प्रवेश भारद्वाज ने कहा कि नेताजी के अंदर अलौकिक शक्ति थी। प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पर स्वामी विवेकानन्द जी का प्रभाव था।