बलिया में बनेगी नई जेल: बसंतपुर में देखी गई 60 एकड़ भूमि, हाईटेक सुविधाओं से होगी लैस
जनपद में वर्ष 1917 में जिला कारागार की स्थापना की गई थी। उस समय आबादी और अपराध के लिहाज से लगभग 350 बंदियों की क्षमता के हिसाब से इसका निर्माण हुआ था। जिला जेल में इस समय 900 के आसपास बंदी हैं।
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अंग्रेजों के जमाने में बने जिला कारागार में बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से कैदियों के साथ ही जेल स्टाफ को मुक्ति मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने नए जिला कारागार की स्थापना के लिए तेजी दिखानी शुरू कर दी है। फिलहाल डीएम के निर्देश पर जेलर के साथ तहसीलदार सदर ने हनुमानगंज ब्लाक के बसंतपुर में 60 एकड़ भूमि का सर्वे किया है। कारागार प्रशासन विभाग के उच्चाधिकारियों की मुहर लगी तो इस भूमि को जिला कारागार के निर्माण के लिए खरीदा जाएगा।
जनपद में वर्ष 1917 में जिला कारागार की स्थापना की गई थी। उस समय आबादी और अपराध के लिहाज से लगभग 350 बंदियों की क्षमता के हिसाब से इसका निर्माण हुआ था। जिला जेल में इस समय 900 के आसपास बंदी हैं। हालांकि, समय के साथ जेल प्रशासन की ओर से कारागार के अंदर व्यवस्थाएं भी की गई हैं, लेकिन अपर्याप्त होने के कारण बंदियों के साथ ही जेल स्टाफ को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान कारागार में सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। पिछले वर्ष जिला कारागार में भारी बारिश से जलजमाव हो गया था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से निपटने के बाद जिला प्रशासन की ओर से भूमि के चयन के लिए कवायद तेज कर दी गई है। बसंतपुर के साथ ही करनई में भी भूमि सर्वे किया गया है। सूत्रों की मानें तो हनमानगंज ब्लाक से बसंतपुर जाने वाली सड़क के किनारे लगभग 60 एकड़ भूमि मिली हैं।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होगी नई जेल
बलिया जिला कारागार के जेलर अंजनी गुप्ता ने बताया कि नया कारागार हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा। इसे आगे के 50 साल को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसीलिए इतनी भूमि ली जाएगी। मानक के अनुसार डबल मैन वाल के बीच में भी कुछ दीवारें बनाई जाएंगी। इसकी क्षमता 1500 से 2000 के आसपास होगी।
जिला कारागार के निर्माण के लिए बसंतपुर और करनई में भूमि का सर्वे किया जा रहा है। बसंतपुर में 60 एकड़ का ब्लाक मिला है। भूमि किसानों की है। अभी प्रक्रिया प्रारंभिक दौर में है। उच्चाधिकारियों की ओर से ही भूमि को फाइनल किया जाएगा। - गुलाब चंद्रा, तहसीलदार सदर