वाराणसी में रोपवे: परियोजना को नए सिरे से धरातल पर उतारने की तैयारी, कैंट-गिरिजाघर रूट पर शासन की मुहर
वाराणसी शहर को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना को फिर से नए सिरे से धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है।
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वाराणसी शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तैयार की गई रोपवे परियोजना को फिर से नए सिरे से धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। कैंट से गिरिजाघर के बीच आंशिक बदलाव के साथ रोपवे परियोजना के दोबारा टेंडर पर शासन ने सहमति दे दी है। इसके लिए नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी ने परियोजना का डीपीआर तैयार कर लिया है। 20 मई तक रोपवे परियोजना का रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया जाएगा।
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी ने अपने सर्वे के आधार पर कैंट से गिरिजाघर के बीच रोपवे के एलाइंमेंट में आंशिक बदलाव का सुझाव भी दिया है। इसमें रूट और स्टेशन के स्थान में ज्यादा बदलाव नहीं किया है। महज पूरे रूट को सीधा करने के लिए पिलर के स्थान को बदलने का प्रस्ताव दिया गया है।
लखनऊ में बनी सहमति
दरअसल, लखनऊ में मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में शनिवार की देर रात वाराणसी की रोपवे परियोजना पर कई विभागों की संयुक्त बैठक में नई डीपीआर पर मंथन किया गया। इसमें नए डीपीआर के आधार पर आरएफपी को 20 मई तक जारी करने पर सहमति बन गई है।
रेलवे स्टेशन परिसर से जुड़ेगा रोपवे
नए डीपीआर के आधार पर रोपवे परियोजना को कैंट स्टेशन परिसर से सीधा जुड़ाव किया जाएगा। इसमें रेल से आने वाले यात्री आसानी से रोपवे तक पहुंच पाए इसके लिए अंडर पास से लेकर कई और सुझाव भी दिए गए हैं। फिलहाल एक सप्ताह में इस परियोजना के डीपीआर पर अध्ययन के बाद निविदा जारी करने की तैयारी है।
लखनऊ में हुई बैठक में रोपवे परियोजना पर लंबी चर्चा हुई है और 20 मई तक इसके आरएफपी जारी करने की तैयारी है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी पूरी परियोजना में पथ प्रदर्शक की भूमिका में है। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त