यूपीः नीट सॉल्वर गैंग का मुख्य सदस्य ओसामा केजीएमयू से डिबार, डॉक्टर बनने के सपने पर फिरा पानी
केजीएमयू के कुलपति को पत्र लिखकर नीट सॉल्वर गैंग के मुख्य सदस्य और वाराणसी जेल में बंद ओसामा शाहिद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
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नीट सॉल्वर गैंग के मुख्य सदस्य और वाराणसी जेल में बंद ओसामा शाहिद को केजीएमयू से डिबार कर दिया गया। अंतिम वर्ष की परीक्षा से कालेज ने ओसामा को बाहर कर दिया। साथ ही उसे हॉस्टल से भी निष्कासित किया गया। पिछले दिनों कमिश्नरेट पुलिस ने केजीएमयू के कुलपति को पत्र लिखकर ओसामा शाहिद पर कार्रवाई की मांग की थी।
उसी आधार पर केजीएमयू ने यह कार्रवाई की। वहीं पटना में पुलिस टीम ने सॉल्वर गैंग में शामिल चार नए सदस्यों के बारे में जानकारियां जुटाई। मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी ओसामा शाहिद लखनऊ स्थित केजीएमयू में अंतिम वर्ष का छात्र था। ओसामा को सारनाथ थाने की पुलिस ने 16 सितंबर को पहड़िया क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
उसके साथ सॉल्वर गैंग की सदस्य जूली का भाई अभय प्रताप भी गिरफ्तार किया गया था। तभी से आरोपी जिला जेल में निरुद्ध है। सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड नीलेश कुमार उर्फ पीके का पार्टनर ओसामा शाहिद और बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो के कहने पर पटना निवासी अभय प्रताप को पैसे का लालच दिया गया।
चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार
अभय प्रताप की बहन बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी को त्रिपुरा की रहने वाली हिना विश्वास की जगह पर परीक्षा देने के लिए राजी किया था। यह जाल ओसामा ने ही बुना था। हालांकि पुलिस ने जूली और उसकी मां बबिता कुमारी को सारनाथ से ही गिरफ्तार किया था। उसके बाद ओसामा समेत चार अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
हॉस्टल से भी निष्कासित
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि ओसामा के डाक्टर बनने के सपने पर पानी फेर दिया गया है। केजीएमयू में अंतिम वर्ष के छात्र ओसामा शाहिद को डिबार कर दिया। उसे हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है। उधर, पीके को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पटना के कई स्थानों पर दबिश दी। इसमें चार और नए सदस्यों की जानकारियां सामने आई हैं।