नीट सॉल्वर गैंग मामला: पटना एम्स का डॉक्टर भी शामिल, और आरोपियों पर कमिश्नरेट पुलिस ने की कार्रवाई
नीट सॉल्वर गैंग में शामिल आरोपियों पर कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई जारी है। गैंग के मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके के संपर्क में आकर जालसाजी करने वाले पटना निवासी एम्स डॉक्टर सहित चार आरोपियों की पहचान उजागर हुई है। पुलिस चारों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही है।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गैंग में शामिल पटना एम्स के पास आउट डॉ. गणेश और पटना के रहने वाले चंदन, पीयूष और संजीव की पहचान सामने आई है। सभी पटना निवासी सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड नीलेश कुमार उर्फ पीके के संपर्क में आकर जालसाजी करते थे।
इन अपराधियों पर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी। वहीं अन्य वांछित पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पटना और त्रिपुरा में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
अब तक ग्यारह आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
सारनाथ क्षेत्र स्थित स्कूल में 12 सितंबर 2021 को नीट परीक्षा आयोजित थी। इसमें त्रिपुरा की हिना बिश्वास की जगह सॉल्वर गैंग की मदद से बीएचयू की बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा देते हुए पकड़ी गई थी। इसके बाद जूली की मां, उसका भाई और केजीएमयू के एमबीबीएस के छात्र ओसामा शाहिद सहित छह आरोपी गिरफ्तार किए गए। इसके बाद पिछले सप्ताह बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले त्रिपुरा के अगरतला निवासी तपन साहा और मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके और उसका बहनोई पटना सचिवालय में लिपिक रितेश कुमार गिरफ्तार हुआ। कन्हैया और क्रांति की गिरफ्तारी लेकर ग्यारह आरोपी अब तक पकड़े गए।