नीट सॉल्वर गिरोह: वाराणसी की जेल में बंद डॉ. अफरोज निलंबित, लखनऊ के पीएचसी में थी तैनाती
नीट सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य डा. अफरोज अहमद पर शिकंजा और भी कस गया है। वाराणसी की जेल में बंद डॉक्टर अफरोज को शासन ने निलंबित कर दिया है।
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राष्ट्रीय स्तर की स्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी नीट परीक्षा के सॉल्वर गैंग पर कार्रवाई का दौर जारी है। गिरोह के सदस्य लखनऊ के मोहनलालगंज पीएचसी में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अफरोज अहमद को शासन ने निलंबित कर दिया है। वाराणसी की जेल में बंद डॉ. अफरोज पर कई आरोप लगाए गए हैं।
वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने डॉ. अफरोज अहमद को लेकर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा को रिपोर्ट भेजी थी, जिसपर कार्रवाई हुई है। इससे पहले भी नीट सॉल्वर गिरोह पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से कड़ी कार्रवाई शुरू करने के साथ ही संबंधित आरोपियों के खिलाफ गिरोहबंदी अधिनियम में कार्रवाई की जा चुकी है।
15 मार्च को लखनऊ से हुआ था गिरफ्तार
अब विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोप साबित होने पर डॉ. अफरोज अहमद को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। उस पर वाराणसी के सारनाथ थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं। बलरामपुर के तुलसीपुर थाना अंतर्गत नई बाजार पुरवा निवासी डॉ. अफरोज के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस कुर्की की नोटिस भी चस्पा कर चुकी थी। 50 हजार के इनामी अभियुक्त डॉक्टर अफरोज को 15 मार्च को क्राइम ब्रांच टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था।
डॉ अफरोज की गिरफ्तारी एवं विभागीय कार्यवाही की सूचना सीएमओ लखनऊ और एसीएस चिकित्सा को दी गई थी। जिसके क्रम में सात अप्रैल को उत्तर प्रदेश शासन ने डॉ. अफरोज अहमद को निलंबित कर उसके विरुद्ध सेक्शन सात के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही की।
नीट सॉल्वर गिरोह के खिलाफ थाना सारनाथ पर गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। अफरोज गिरोह के सरगना पटना के पाटलिपुत्र निवासी पीके उर्फ नीलेश कुमार और केजीएमयू लखनऊ के छात्र रहे ओसामा शाहिद के साथ मिलकर काम करता था।
पत्नी भी है डॉक्टर
अफरोज अहमद कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से 2017-18 में पास आउट हुआ है। 2019 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से मेडिकल ऑफिसर के पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में लखनऊ के दाउदनगर पीएचसी एवं मोहनलालगंज सीएचसी में बतौर चिकित्सा अधिकारी तैनात था।
2020 में डॉक्टर शिफा खान से निकाह हुआ जो कि लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में कार्यरत थी। वह सॉल्वर गिरोह के डॉक्टर ओसामा और नीलेश उर्फ पीके आदि से संपर्क वर्ष 2018-19 में लखनऊ आने पर हुआ। वर्ष 2021 में नीट परीक्षा में चार अभ्यर्थियों को सॉल्वर बैठाकर पास कराने का काम लिया था।
गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 19 आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी पुलिस ने 12 सितंबर को सारनाथ स्थित एक केंद्र से नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर जूली कुमारी और केंद्र के बाहर से उसकी मां बबिता कुमारी को गिरफ्तार करते हुए गैंग का खुलासा किया था। क्राइम ब्रांच वाराणसी एवं थाना सारनाथ की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा सॉल्वर सहित अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर थाना सारनाथ में अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
सॉल्वर गिरोह के तह तलाशने में जुटी वाराणसी पुलिस इसके मास्टरमाइंड निलेश उर्फ पीके को पटना से गिरफ्तार किया। उसके बाद वाराणसी पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई नाम उगले जो उसके साथ सॉल्वर गिरोह को चला रहे थे।
गिरोह के सरगना एवं अन्य सक्रिय सदस्यों डॉक्टर ओसामा शाहिद, नीलेश उर्फ पीके, विकास कुमार महतो, कन्हैया लाल सिंह, क्रांति कौशल, ओमप्रकाश सिंह, राजू कुमार, डॉक्टर अफरोज एवं मुंतजिर समेत 19 अभियुक्तगणों को गिरफ्तार किया गया। इस समय सभी आरोपी जिला जेल में निरुद्ध हैं।