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बनारस में छायी एनसीआर के स्मॉग की चादर, बढ़ेगी परेशानी

Thu, 11 Nov 2021 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 12:33 AM IST
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NCR's smog cover in Banaras, trouble will increase
ठंड बढ़ने के साथ ही बनारस के आसमान पर एनसीआर के स्मॉग ने दस्तक दे दी है। शहर में सुबह और शाम हल्की धुंध बनी रही। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह कोहरा नहीं स्मॉग है। दो दिनाें से बनारस रेड जोन में बना हुआ है। स्वास्थ्य महकमे ने भी लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ठंड होने के कारण प्रदूषक तत्व हवा में घुलने की बजाय वातावरण में फैलकर स्मॉग का रूप ले चुके हैं।
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बुधवार सुबह तो आसमान साफ रहा, लेकिन दोपहर में वातावरण में धूल और धुएं के प्रदूषक तत्व वायुमंडल की निचली परत पर छा गए। दिन चढ़ने के साथ ही स्मॉग की चादर बिछ गई और देखने पर कोहरे सा नजर आ रहा था। शहर में कई जगहों पर लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत रही।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स 308 तक पहुंच गया। मलदहिया का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा और एक्यूआई 333 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 437, पीएम 10 की मात्रा 446, कार्बन की मात्रा 183 और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 85 रही। भेलूपुर का एक्यूआई 313, अर्दली बाजार का 303 और बीएचयू का 285 दर्ज किया गया। भेलूपुर में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 401, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 419, कार्बन की मात्रा 150, नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 69 रही। अर्दली बाजार में पीएम 2.5 की मात्रा 378, पीएम 10 की मात्रा 257, कार्बन की मात्रा 65 और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 155 दर्ज की गई। बीएचयू में पीएम 2.5 की मात्रा 342, पीएम 10 की मात्रा 198, कार्बन की मात्रा 95 और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 26 रही।
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नाइट्रोजन आक्साइड की बढ़ती मात्रा है नुकसानदायक
बीएचयू के वैज्ञानिक प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि स्मॉग में नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फ र आक्साइड और कुछ अन्य कार्बनिक यौगिक होते हैं। यह न केवल मनुष्य के लिए बल्कि पौधों, जानवरों और प्रकृति के लिए हानिकारक है। इसकी चपेट में आने पर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
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