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Varanasi News: प्रकृति बन सकती है पर्यावरणीय संकट के समाधान का आधार

Wed, 07 Jan 2026 02:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:09 AM IST
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Nature can become the basis for solving the environmental crisis
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आईक्यूएसी की ओर से दर्शनशास्त्र विभाग में आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने भारतीय दर्शन में पर्यावरण चेतना विषय पर चर्चा की। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति ही पर्यावरणीय संकट के समाधान का आधार बन सकती है। इस पर सभी को ध्यान देना होगा। सादगी ही प्रकृति की रक्षा का मूल मंत्र है। भारतीय दर्शन में प्रकृति को उपभोग की वस्तु नहीं, बल्कि सजीव एवं चेतन सत्ता के रूप में स्वीकार किया गया है। पर्यावरण संयोजक अजय ने क्षेत्रीय स्तर पर पर्यावरणीय चुनौतियों एवं जनभागीदारी के महत्व को बताया। अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, पर्यावरण संरक्षण केंद्र भुवनेश्वर (ओडिशा) के डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि आधुनिक पर्यावरण संकट चेतना का संकट है, जिसका समाधान भारतीय दार्शनिक दृष्टि में निहित है। स्वागत मानविकी संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी निदेशक और दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. केके सिंह, प्रो. पीतांबर दास, प्रो. आनंद शंकर चौधरी, प्रो. राकेश तिवारी, प्रो अनीता, डॉ. कविता आर्या, डॉ. गणेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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