देशव्यापी हड़ताल: एलआईसी ठप, 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित; रेलकर्मियों और महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन
Varanasi News: प्रदर्शनकारी बैंक ऑफ बड़ौदा और नदेसर स्थित इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय पहुंचे। इंडियन बैंक कार्यालय विरोध का मुख्य केंद्र रहा, जहां 250 से अधिक कर्मियों ने नारेबाजी की।
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UP News: केंद्रीय श्रम संगठनों, बैंक यूनियनों और किसान संगठनों के आह्वान पर बृहस्पतिवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार की ओर से जारी चार नए श्रम संहिताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंकों में ताले लटकते रहे। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के सहायक महामंत्री संजय शर्मा के मुताबिक, एक दिन के हड़ताल से तकरीबन 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के नेतृत्व में निर्माण मजदूर यूनियन, घरेलू कामगार समूह, अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा, आशा वर्कर्स यूनियन आदि के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा आदि ने हड़ताल के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया।
कचहरी आंबेडकर पार्क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चौकी इंचार्ज जमुना प्रसाद तिवारी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहीं, श्रम कार्यालय पर अपर श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कैंट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मंडल कार्यालय से सैकड़ों कर्मचारियों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
यूनियन के सहायक महामंत्री संजय शर्मा और अध्यक्ष आरबी चौबे ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर जिले की 350 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में पूर्ण तालाबंदी रही। हड़ताल के कारण कैश लेनदेन, चेक क्लीयरेंस, नेफ्ट और आरटीजीएस सेवाएं बाधित रहीं। इससे वाराणसी में लगभग 300 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। बैंककर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि श्रम अधिकारों पर हमले बंद नहीं हुए और 5-दिवसीय कार्य सप्ताह जैसी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
बरेका में गूंजा मजदूर एकता का नारा
डीएलडब्ल्यू (बरेका) रेल मजदूर यूनियन ने भी हड़ताल के समर्थन में अपनी ताकत दिखाई। कारखाना के पूर्वी गेट से प्रशासन भवन तक विशाल विरोध मार्च निकाला गया, जिसमें हजारों रेल कर्मचारी शामिल हुए। यूनियन के संगठन मंत्री सुशील कुमार सिंह और महामंत्री दीपक कुमार ने कहा कि चार श्रम संहिताएं कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करने वाली हैं। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता के साथ किसी भी समझौते को स्वीकार करने से इंकार किया। अध्यक्ष प्रदीप कुमार यादव ने आरएलडीए प्रोजेक्ट के नाम पर रेलवे कॉलोनी को बर्बाद करने की योजना का विरोध किया।
महिलाओं और स्कीम वर्कर्स ने बुलंद की आवाज
कचहरी स्थित आंबेडकर पार्क में महिला संगठन ऐपवा के बैनर तले घरेलू कामगारों, आशा बहुओं और मनरेगा मजदूरों ने प्रदर्शन किया। ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि सरकार चोर दरवाजे से लेबर कोड लाकर मजदूरों के आठ घंटे काम और महिलाओं के मातृत्व अवकाश जैसे संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाहती है। आशा कार्यकर्ता धर्मा और अन्य वक्ताओं ने स्कीम वर्कर्स को स्थायी करने और समान मजदूरी देने की मांग की। किसान नेता कृपा वर्मा और आरडी सिंह ने सरकार पर कॉर्पोरेट हितों के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए इसे मेहनतकश वर्ग पर हमला बताया।
एलआईसी में कामकाज पूरी तरह ठप, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
एक दिवसीय हड़ताल में एलआईसी कर्मचारी भी शामिल रहे। जिले सहित मंडल के सभी आठ जिलों में एलआईसी कार्यालयों के ताले बंद रहे और दिन भर गेट पर प्रदर्शन व नारेबाजी का दौर चलता रहा। इस हड़ताल के कारण वाराणसी मंडल में कैश कलेक्शन शून्य रहा।
वीडीआईईए के मंडल अध्यक्ष नारायण चटर्जी ने कहा कि इससे लगभग तीन करोड़ रुपये का कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हुआ। भेलूपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के प्रांगण में कामरेड नारायण चटर्जी और सुमंत कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने गेट जाम कर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। सभी दफ्तरों में तालाबंदी के कारण बीमा धारकों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मुख्य वक्ता महामंत्री सुमंत कुमार, वीके सिंह, पंकज गुप्ता और संगीता गुप्ता ने कहा कि यह हड़ताल केवल वेतन वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि एलआईसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था को बचाने का एक संघर्ष है। कार्यक्रम में आरती श्रीवास्तव, रीता, डीसी सिंह, राजेश उपाध्याय सहित लगभग 300 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।