फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   National Youth Day 2020 cricketer shivam dube reach and earn big name in at an early age bhadohi

राष्ट्रीय युवा दिवस: भदोही के शिवम दूबे ने कम उम्र में क्रिकेट में लहराया परचम, जानें कैसा रहा सफर

Sun, 12 Jan 2020 12:45 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 12 Jan 2020 12:45 PM IST
विज्ञापन
National Youth Day 2020 cricketer shivam dube reach and earn big name in at an early age bhadohi
परिजनों के साथ शिवम जुबे। - फोटो : अमर उजाला

स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। भारत को भी हम एक युवा देश के नाम से जानते हैं। तो वहीं देश में बहुत ऐसे युवा हैं, जिन्होंने कम उम्र में एक बड़ी-बड़ी ऊंचाइयों को छू लिया है। उन्होंने बहुत जल्दी ही कम उम्र में सफलता पा ली। चाहे वह खिलाड़ी हों, राजनेता, अभिनेता या और कुछ हों।

विज्ञापन


वहीं पूर्वांचल के भदोही जिले के शिवम दूबे ने युवा अवस्था में ही क्रिकेट की दुनिया में एक बड़ा नाम कमा लिया है। शिवम दुबे ने 23 साल की उम्र में फरवरी 2017 में राजस्थान के खिलाफ चेन्नई में विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए अपनी शुरुआत की। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान जनवरी 2016 में मुंबई के लिए ट्वेंटी 20 की शुरुआत की। दूबे का प्रथम श्रेणी में पदार्पण दिसंबर 2017 में हुआ, जब वह कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेले। पहली पारी में, उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला पांच विकेट लिया।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

भदोही में क्रिकेटर शिवम दूबे का घर।


2017 में ही नवंबर में, दूबे ने रेलवे के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाया। कर्नाटक के खिलाफ अपने अगले मैच में, उन्होंने पांच विकेट लिए, 54 रन पर सात विकेट लिए। 25 वर्षीय ने अब तक मुंबई के लिए 567 रन बनाकर छह प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। इसमें दो शतक शामिल हैं-एक रेलवे के खिलाफ और दूसरा गुजरात के खिलाफ।


शिवम दूबे घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए खेलते हैं। इस साल वह आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर खेलेंगे। उन्होंने नवंबर 2019 में भारत क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।

भदोही जिले के मानिकपुर गांव के क्रिकेटर शिवम दूबे का जीवन भी काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। शिवम को इस मुकाम तक पहुंचाने में परिवार ने काफी समस्याएं सही, हालांकि बेटे को इस मुकाम पर पहुंचने पर पिता राजेश दूबे काफी खुश हैं।

चौरी के मानिनकपुर निवासी राजेश दूबे तीन दशक पहले मुंबई कारोबार के लिए आए और यहीं पर रहने लगे। उन्होंने जींस का कारोबार शुरू किया जो बाद में शिवम को क्रिकेटर बनाने में खत्म हो गया। आर्थिक संकट भी झेलने पड़े, लेकिन न पिता ने हिम्मत हारी और न शिवम को कोई चुनौती डगमगा पाई।

शिवम ने अपने पिता के सपने को ही जीवन का ध्येय मान लिया था। घर में ही क्रिकेट खेलने की तैयार की गई, वहीं, सुबह-शाम घंटों प्रैक्टिस होती। शिवम को कोचिंग देने का जिम्मा खुद उनके पिता ने अपने कंधों पर उठाया। बेटे के लिए खास डाइट तैयार की। ग्राउंड में उसे दौड़ना सिखाया। रात में रोज मालिश भी करते। शिवम को रोजाना 500 गेंद फेंकते, यह सिलसिला 10 साल तक चला।

10वीं तक पढ़ाई करने वाले शिवम ने अब क्रिकेट को ही सब कुछ मान लिया था। करीब 14 वर्ष की आयु में शिवम ने चंद्रकांत पंडित से कोचिंग लेना शुरू कर दिया। राजेश दूबे ने बताया कि बेटे को आगे बढ़ाने में वह अपने जींस के कारोबार को नहीं देख सके और धीरे-धीरे वह भी खत्म हो गया। माता माधुरी ने भी हर कदम पर पिता और बेटे का साथ निभाया।

शिवम बताते हैं कि पिता ने उन्हें सफल बनाने के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। दिन-रात एक कर दिया। मैंने भी खूब संघर्ष किया है। मेरे दोस्तों ने भी मेरा हौसला बढ़ाया। शिवम के चाचा पूर्व सांसद रमेश दूबे ने कहा कि हर मैच के बाद शिवम का उत्साह बढ़ रहा है। टीम और सेलेक्टर ने उसका ध्यान दिया तो वह जिले के साथ ही देश का नाम रोशन करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed