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राष्ट्रीय तीरंदाजी: पान बेचने वाले की बेटी ने जीता रजत पदक, यूपी टीम में बनारस से एक मात्र महिला खिलाड़ी
Mon, 04 Oct 2021 11:13 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:13 AM IST
सार
भारतीय तीरंदाजी संघ की ओर जमशेदपुर में राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता हुई।वाराणसी के सारनाथ में पान की दुकान की चलाने वाले पिता जटाशंकर भारद्वाज बेटी के पहली बार रजत पदक जीतने के बाद काफी उत्साहित और खुश हैं।
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सुनीता भारद्वाज ने बढाया काशी का मान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के बरईपुर की रहने वाली सुनीता भारद्वाज ने राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर काशी का मान बढ़ाया है। एक-एक पाई जुटाकर बेटी को तीरंदाज बनाने वाले परिवार में खुशी का माहौल है।
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राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इंडियन, रिकर्व और कंपाउंड स्पर्धाओं में कुल 12 तीरंदाजों का चयन यूपी टीम में हुआ था। इनमें से एक सुनीता भी थी जिन्होंने इंडियन राउंड स्पर्धा में हिस्सा लिया था। दो और तीन अक्तूबर को इंडियन राउंड की प्रतियोगिता हुई थी।
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भारतीय तीरंदाजी संघ की ओर झारखंड के जमशेदपुर में राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता हुई। जिसमें 30 मीटर इंडियन राउंड में सुनीता ने पहली बार रजत पदक जीता है। इससे पहले सुनीता आठ बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं, इसमें दो बार कांस्य पदक जीता था। सारनाथ के महाबोधि स्कूल के पास पान की दुकान की चलाने वाले पिता जटाशंकर भारद्वाज बेटी के पहली बार रजत पदक जीतने के बाद काफी उत्साहित और खुश हैं।
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12 साल की उम्र से ही तीरंदाजी का जुनून
जटाशंकर भारद्वाज ने बताया मेरे चार बच्चों में सबसे छोटी बेटी सुनीता 12 साल की उम्र से ही तीरंदाजी खेल से जुड़ी है। उसके जुनून को देखते हुए छह हजार रुपये की इंडियन राउंड की तीर धनुष खरीद कर दिया था। जिससे मेरी बेटी रोज सारनाथ से उमरहा स्थित लक्ष्य एकेडमी में अभ्यास करती थी।
सब जूनियर की खिलाड़ी होने के बावजूद सीनियर में प्रतिभाग कर पदक जीता है। कोच अशोक सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टीम में बनारस में एक मात्र महिला खिलाड़ी है जिसने रजत पदक जीता है।
सब जूनियर की खिलाड़ी होने के बावजूद सीनियर में प्रतिभाग कर पदक जीता है। कोच अशोक सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टीम में बनारस में एक मात्र महिला खिलाड़ी है जिसने रजत पदक जीता है।
नवोदय विद्यालय में प्लंबर के बेटे का चयन
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा में भिटारी निवासी प्लंबर विजय कुमार के बेटे प्रियांशु का चयन हुआ है। बेटे की उपलब्धि से खुश विजय ने बताया कि किसी तरह दिन भर मेहनत कर बच्चे को बेहतर शिक्षा दिलाने का जो सपना देखा था, उसने पूरा किया। बताया कि महेशपुर स्थित हिंद कान्वेंट स्कूल से पांचवीं तक की पढ़ाई के दौरान भी बेटे ने कड़ी मेहनत कर अच्छे अंक हासिल कि ए।