Varanasi: टेक्नोलॉजी विजन 2047 पर बीएचयू में आज से राष्ट्रीय मंथन, रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार आएंगे
भारत को 2047 तक सुपर पावर बनाने के लिए टाइफैक टेक्नोलॉजी विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रहा है। बीएचयू के विज्ञान-तकनीकी शिक्षा एवं शोध में महत्वपूर्ण योगदान को देख टाइफैक दो दिवसीय आयोजन आज से करेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में तकनीकी विकास के निर्धारण की जिम्मेदारी टेक्नालॉजी इंफॉर्मेशन फॉरकास्टिंग एंड एसेसमेंट काउंसिल (टाइफैक) पर है। भारत को 2047 तक सुपर पावर बनाने के लिए टाइफैक टेक्नोलॉजी विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रहा है। टाइफैक विभिन्न स्थानों पर कार्यशाला आयोजिक कर रहा है।
बीएचयू के विज्ञान-तकनीकी शिक्षा एवं शोध में महत्वपूर्ण योगदान को देख टाइफैक दो दिवसीय आयोजन 20 मार्च से करेगा। रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. जी सतीश रेड्डी मुख्य अतिथि होंगे। स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण, खाद्य एवं कृषि, ऑटोमेशन, सूचना तंत्र इत्यादि से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन मॉलिक्यूलर ह्यूमन जेनेटिक्स की डॉ. गीता राय के नेतृत्व में किया जा रहा है।
विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में शोध कर सकेंगे बीएचयू के शोधार्थी
बीएचयू के शोधार्थी अब विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में शोध कर सकेंगे। योग्यता पूरी करने वाले छात्रों को विदेशी संस्थान में काम करने का अवसर भी मिलेगा। आने जाने का खर्च व मासिक शोध फेलोशिप भी बीएचयू देगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के उद्देश्य को पूरा करने के लिए इंटरनेशनल विजिटिंग स्टूडेंट प्रोग्राम के तहत छात्रों को शीर्ष संस्थानों में एक सेमेस्टर रहकर शोध का अवसर मिलेगा।
इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस, बीएचयू, गवर्निंग बॉडी द्वारा स्वीकृत योजना का उद्देश्य सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना, संस्थागत संबंधों को प्रगाढ़ करना, पेशेवर कौशल व ज्ञान में इजाफा करना है। शोधार्थी जो 8 या अधिक सीजीपीए के साथ अपना कोर्स वर्क पूरा कर चुके हैं तथा जिनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित (Q1 अथवा Q2) शोध पत्रिकाओं में दो पत्र प्रकाशित हो चुके हैं वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदक को शोध संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता के लिए मेजबान संस्थान से सहमति प्राप्त करना आवश्यक है।