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पुस्तकालयों में पुस्तकें नहीं तो कोई बात नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:34 AM IST
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डिजिटल लाइब्रेरी
- फोटो : amar ujala
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उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को अब पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उन्हें एक क्लिक पर हर जरूरी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। इसके लिए यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की कवायद शुरू कर दी है।
मानव संसाधन मंत्रालय की पहल पर आईआईटी खडगपुर की टीम ने इसका खाका बना लिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में पुस्तकालयों में जहां नवीन पुस्तकों का अभाव है वहीं पुस्तकालय में छात्रों के बैठने, पढ़ाई की भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं रहती हैं। कई विश्वविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की बात तो दूर पाठ्यक्रम की पूरी किताबें भी नहीं मिल पाती हैं। इसके मद्देनजर यूजीसी ने पुस्तकालयों को अपग्रेड करते हुए संस्थानों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का फैसला लिया है।
इस लाइब्रेरी में पीजी स्तर तक के एक लाख लेखकों की करीब 13 लाख पुस्तकें 70 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध रहेंगी। 40 से अधिक सूचना के स्रोत भी मुहैया कराए गए हैं। इसके लिए एक पोर्टल भी तैयार किया है, जिस पर विद्यार्थियों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
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मानव संसाधन मंत्रालय की पहल पर आईआईटी खडगपुर की टीम ने इसका खाका बना लिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में पुस्तकालयों में जहां नवीन पुस्तकों का अभाव है वहीं पुस्तकालय में छात्रों के बैठने, पढ़ाई की भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं रहती हैं। कई विश्वविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की बात तो दूर पाठ्यक्रम की पूरी किताबें भी नहीं मिल पाती हैं। इसके मद्देनजर यूजीसी ने पुस्तकालयों को अपग्रेड करते हुए संस्थानों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का फैसला लिया है।
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इस लाइब्रेरी में पीजी स्तर तक के एक लाख लेखकों की करीब 13 लाख पुस्तकें 70 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध रहेंगी। 40 से अधिक सूचना के स्रोत भी मुहैया कराए गए हैं। इसके लिए एक पोर्टल भी तैयार किया है, जिस पर विद्यार्थियों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
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