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New Education Policy: वाराणसी में सात जुलाई को होगा राष्ट्रीय सम्मेलन, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
Sat, 02 Jul 2022 04:43 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 02 Jul 2022 04:43 PM IST
सार
नई शिक्षा नीति पर आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस सम्मलेन के संयोजक यूजीसी ने प्रतिभाग के लिये इस संस्था के 35 अध्यापकों एवं 15 प्रबुद्ध शोधार्थियों को भी आमंत्रित किया है।
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पीएम मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
सर्व विद्या की राजधानी में नई शिक्षा नीति पर आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में शिक्षा जगत की नई राह प्रशस्त होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय व यूजीसी के संयुक्त तत्वावधान में सात जुलाई को आयोजित शिक्षा सम्मेलन में देश भर के शिक्षाविद और कुलपति भी शामिल होंगे। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सम्मेलन की तैयारियों के लिए बैठक आयोजित हुई।
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कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि सात जुलाई को कुलपतियों, निदेशकों एवं विद्यार्थियों के साथ विचार विमर्श के लिये एक सम्मेलन आयोजित किया गया है। इसका उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस सम्मलेन के संयोजक यूजीसी ने प्रतिभाग के लिये इस संस्था के 35 अध्यापकों एवं 15 प्रबुद्ध शोधार्थियों को भी आमंत्रित किया है।
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कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन के आयोजन पर विस्तृत परिचर्चा की गई। इस आयोजन से संस्कृत भाषा को मजबूती मिलेगी, संस्कृत आधुनिक विज्ञान की भाषा है। संस्कृत भाषा को रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए। देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक, दार्शनिक, ऐतिहासिक और सामाजिक जीवन का विकास संस्कृत जनभाषा के रूप में विकसित होने पर ही संभव है। संस्कृत वस्तुत: हमारी संस्कृति का मेरुदंड है।
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सम्मेलन में यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश कुमार जैन ने इस विश्वविद्यालय के अध्यापकों एवं शोधार्थियों को विशेष रूप से सहभाग के लिये आमंत्रित किया है। बैठक में देश भर के कुलपति, निदेशक, आईआईआईटी, आईआईएम के प्राध्यापक नई शिक्षा नीति के इस सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे।
इसमें विचार विमर्श का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए जिससे उच्च शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाया जा सके। इस दौरान प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. रमेश प्रसाद, डॉ. विजय कुमार पांडेय, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. शैलेश मिश्र, प्रो. राजनाथ, प्रो. राघवेंद्र, प्रो. अमित शुक्ल उपस्थित थे।
इसमें विचार विमर्श का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए जिससे उच्च शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाया जा सके। इस दौरान प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. रमेश प्रसाद, डॉ. विजय कुमार पांडेय, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. शैलेश मिश्र, प्रो. राजनाथ, प्रो. राघवेंद्र, प्रो. अमित शुक्ल उपस्थित थे।