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BHU में बवाल: छानबीन के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने कुलपति को ठहराया जिम्मेदार

Sat, 07 Oct 2017 02:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 07 Oct 2017 02:09 PM IST
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National Commission for Women claimed vice chancellor for BHU protest
बीएचयू कैंपस में छात्रा से छेड़खानी के बाद हुए बवाल के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कुलपति को जिम्मेदार ठहराया है। दो दिन तक मामले की छानबीन के बाद आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि अगर वीसी चाहते तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता।
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उन्होंने कहा कि कुलपति के पास छात्राओं से मिल कर उनकी समस्या सुनने का भी समय नहीं था। बताया कि वीसी का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया, मैसेज भेजा गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उनका रवैया ठीक नहीं है। अब आयोग में तलब कर पूछताछ की जाएगी।
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प्रेसवार्ता में अध्यक्ष ने कहा कि 22 सितंबर को धरने पर बैठीं छात्राओं से कुलपति को मिलना जाना चाहिए था। अगर वह छात्राओं के चले जाते तो ये आज परिस्थितियां नहीं होतीं। कुलपति की संवादहीनता की वजह से ही कैंपस में इतना बड़ा बवाल हुआ। पूरी घटना के लिए वीसी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
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अध्यक्ष ने बताया कि कुलपति से मिलने के लिए फोन किया। अपने नाम और पद के साथ ही बातचीत का कारण लिखकर मैसेज किया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। अब उन्हें समन जारी कर तलब किया जाएगा।

एक सवाल के जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा और समानता अहम है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।

आंदोलन में बाहर के भी छात्र शामिल थे

National Commission for Women claimed vice chancellor for BHU protest
बीएचयू परिसर - फोटो : अमर उजाला
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बीएचयू में हुए आंदोलन में बाहरी विश्वविद्यालयों के छात्र भी शामिल थे। इनमें कुछ दिल्ली के भी छात्र थे। कुलपति विरोधी पार्टियों को बवाल का जिम्मेदार बता रहे हैं, इस सवाल के जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि इस बारे में कुलपति ही बता पाएंगे।

आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में यह तो स्पष्ट हो गया है कि छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया है। इसमें एक शिक्षक समेत कुछ छात्राएं चोटिल हुई हैं। बवाल के दौरान महिला पुलिस भी वहां नहीं थी।

कहा कि छात्राओं पर लाठीचार्ज करना अन्याय है। इसमें जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर लाठीचार्ज किसके आदेश पर हुआ लेकिन पूछताछ में एसएसपी ने इतना जरूर बताया है कि आगजनी और पत्थरबाजी जैसे हालात उत्पन्न होने पर लाठीचार्ज करना पड़ा।  

बीएचयू में बवाल के दौरान महामना की प्रतिमा पर कालिख पोतने के प्रयास के आरोपी छात्रों पर दर्ज मुकदमे हटाए जाएंगे। अध्यक्ष ने कहा कि आरोप में अगर कोई सत्यता नहीं पाई गई तो मुकदमे हटवा दिए जाएंगे।

बूढ़े हैं सुरक्षाकर्मी, लाठी नहीं चला सकते

National Commission for Women claimed vice chancellor for BHU protest
bhu - फोटो : अमर उजाला
अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड लाठीचार्ज कर नहीं कर सकते। जहां तक छात्राओं ने बताया कि वे इतने बूढ़े हैं कि लाठी चला नहीं सकते हैं। कई तो ऐसे हैं जिन्हें अगर तेजी से झकझोर दिया जाए तो मुकाबला नहीं कर पाएंगे। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाना गलत है।

जांच कमेटी ने विवि प्रशासन को दिए कई सुझाव
बीएचयू में बवाल की जांच करने आई आयोग की तीन सदस्यीय समिति ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कुछ सुझाव भी दिए हैं। समिति ने छात्र-छात्राओं के हॉस्टल का समय समान करने, सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने, नवीन महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने, उसके आसपास स्थित छात्रों के हॉस्टल को को दूसरी जगह शिफ्ट करने, पुस्तकालय को 24 घंटे खोलनेे, हॉस्टल से लाइब्रेरी तक आने-जाने के लिए बस सेवा शुरू करने का सुझाव दिया है।
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