वाराणसी: Namo Ghat पर स्मार्ट सिटी द्वारा 10 रुपये एंट्री टिकट का आदेश रद्द, सोशल मीडिया हो रहा था विरोध
काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाला निर्माणाधीन नमो घाट सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में है।
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वाराणसी में पर्यटन का नया केंद्र बन चुके नमो घाट पर सैलानियों से लिए जाने वाले प्रवेश शुल्क को स्मार्ट सिटी के फैसले पर किरकिरी के बाद तत्काल हटा लिया गया है। मंगलवार की शाम को पांच बजे से रात नौ बजे तक के लिए पर्यटकों से बतौर शुल्क 10 रुपये वसूले गए।
इसकी सूचना के बाद राजनीतिक दलों के साथ ही सैलानियों ने भी विरोध शुरू कर दिया। बुधवार को दोपहर में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर नगर निगम ने शुल्क लिए जाने के फैसले पर रोक लगा दी। स्मार्ट सिटी वाराणसी में नवनिर्मित नमो घाट पर घूमने के लिए टिकट लगा दिया गया था। मंगलवार से इसकी शुरुआत भी हो गई थी।
चार घंटे के लिए पर्यटकों को नमो घाट पर समय बिताने के लिए दस रुपये खर्च करने पड़ते। लेकिन स्मार्ट सिटी के इस फैसले पर आम लोगों ने एक ओर जहां सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल सपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी इस पर आंदोलन की चेतावनी दी। भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कमिश्नर के आदेश पर टिकट रद्द कर दिया गया है। अब पहले की ही तरह लोग नमो घाट पर घूम सकेंगे।
इससे पहले बनारस में घाट पर आज तक कभी किसी तरह का शुल्क नगर निगम या जिला प्रशासन की तरफ से नहीं लगाया गया है। हालांकि दो साल पहले घाटों पर पंडे, पुजारी, पुरोहितों और आयोजनों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव नगर निगम ने दिया था।
मगर भारी विरोध के चलते उसे यह प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था। उधर, नमो घाट पर शुल्क लगाने के मामले में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के तर्क पर भी विरोध शुरू हो गया है। स्मार्ट सिटी की ओर कहा गया है कि शहर के बिल्कुल किनारे पर स्थित नमो घाट पर आने वाली भीड़ में बहुत से असामाजिक तत्व भी आते हैं, जो वहां पर उपद्रव करते हैं। जहां पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। इसलिए चार घंटों के लिए महज 10 रुपये का शुल्क लगाया गया है।
अभी जनता के लिए लोकार्पित नहीं हुआ है नमो घाट
राजघाट के मालवीय पुल के पास 35.83 करोड़ की लागत से नमो घाट (खिड़किया घाट) का फेज-1 तैयार किया गया है। सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस घाट का लोकार्पण किया जाना था, मगर अंतिम समय में इस परियोजना को लोकार्पण सूची से हटाया गया था। इसकी खूबसूरती ऐसा रिझा रही है कि हर दिन पांच से सात हजार सैलानी घाट पर पहुंच रहे हैं।
नमो घाट पर शुल्क लगाने के निर्णय को फिलहाल रोक दिया गया है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर आगे का निर्णय किया जाएगा। - प्रणय सिंह, नगर आयुक्त