Varanasi News: तीन नगर पालिकाओं को 100 दिन स्वच्छता का पाठ पढ़ाएगा नगर निगम, अभियान शुरू
सफाई कार्य को प्रभावी ढंग से कराने के लिए मेंटोर एवं मेंटई शहर को शहर तकनीकी सहायता, उपकरण, प्रशिक्षण, मैनपावर, मशीनरी एवं तकनीकी मार्गदर्शन के रूप में मेंटई शहरों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करना होगा।
विस्तार
Varanasi News: स्वच्छ भारत मिशन-2.0 (नगरीय) के तहत स्वच्छ शहर जोड़ी अभियान की शुरुआत गुरुवार से की गई। इसके तहत वाराणसी नगर निगम का मेंटोर की भूमिका में तीन नगर पालिकाओं क्रमशः गंगापुर नगर पालिका, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका और फूलपुर, आजमगढ़ नगर पालिका को प्रशिक्षित करने के लिए चयन किया गया है।
गंगापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और फुलपुर के अधिशासी अधिकारियों के साथ अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने 100 दिन चलने वाले इस स्वच्छता जन जागरूकता एवं अन्य दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के लिए अनुबंध किया।
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि ऐसे शहरों की जोड़ी बनाना है, जिनमें एक शहर (मेंटोर) स्वच्छता में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा हो और दूसरा शहर (मेंटई) अपेक्षाकृत कमजोर हो। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि मेंटई शहरों को मेंटोर शहरों के अनुभव से सीखकर स्वच्छता प्रदर्शन सुधारने में मदद करना।
कचरा प्रबंधन नागरिक भागीदारी एवं स्वच्छता प्रक्रियाओं को मजबूत करना। 100 दिन की इस पहल से वर्ष 2026 और आगे की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार लाना।
स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग के लिए 17 नगर निगम मेंटोर माने गए
इस कार्य के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मेंटोर एवं मेंटई शहरों का चयन करते हुए अपेक्षित कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभ किए गए इस पहल को और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किये जाने एवं इस पहल से वर्ष 2026 और आगे की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार लाये जाने के लिए प्रदेश के समस्त 17 नगर निगमों को मेंटोर शहर मानते हुए उनके निकटस्थ स्वच्छ सर्वेक्षण में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 03 नगरीय निकायों को मेंटई शहर नामित किया गया है।
अभियान के मुख्य कार्य
1. दृश्य स्वच्छता
- कचरा प्रभावित स्थानों का उन्मूलन
- सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई
- कचरा पृथक्करण व दुलाई
- 100% डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
- स्रोत पर कचरे का पृथक्करण
2. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रसंस्करण
- कंपोस्टिंग
- स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता
- सामुदायिक शौचालयों तक सार्वभौमिक पहुंच
- गंदे पानी का समुचित प्रबंधन
3. सैनीटेशन वर्कर्स कल्याण
- मशीनीकृत सफाई
- सुरक्षा, पीपीई किट, बीमा व स्वास्थ्य जांच
4. नागरिक भागीदारी व जागरूकता
- स्वच्छता जागरूकता अभियान
- व्यवहार परिवर्तन के प्रयास
- प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन
- नागरिक फीडबैक प्रणाली
- शिकायत निवारण हेल्पलाइन, ऐप व डैशबोर्ड को सशक्त करना