PM के संसदीय क्षेत्र में तीन तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने बुलंद की आवाज
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तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान की ओर से हूकुलगंज में मंगलवार को महिला कचहरी का आयोजन किया गया जिसमें तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक अमानवीय है। इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। सवाल उठाया कि तलाकशुदा महिलाओं के जीवन यापन का रास्ता आखिर क्या हो। महिलाओं ने मांग की कि तीन तलाक देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
महिला कचहरी में बतौर मुख्य अतिथि पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बाबा बालक दास ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। महंत ने कहा कि तीन तलाक अमानवीय है।
मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाने के लिए धर्माचार्यों, सामाजिक संगठनों और मीडिया को आगे आना चाहिए। तलाक पीड़ित महिलाओं और उनके बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि तीन तलाक देकर बेघर करने वाले धर्म का हवाला न दें। हर कीमत पर तीन तलाक को रोकना होगा। पर्सनल लॉ के नाम पर एक संगठन पूरे भारत की मुस्लिम महिलाओं का ठेका कैसे ले लिया?
विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने भी विचार रखे। महिला कचहरी में सामाजिक कार्यकर्ता मो. अजहरुद्दीन पर की गई हमले की निंदा की गई। इस अवसर पर गुड़िया कुरैशी, शबाना बानो, पूनम सिंह, नजमा परवीन, तस्लीमा, अर्चना भारतवंशी, विद्या कुशवाहा, शबनम, फरीदा, शहाना, रुखसान आदि मौजूद रहीं।