फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   murder case of Teacher husband and mother-in-law sentenced to life imprisonment daughter gave statement

UP : अध्यापिका की हत्या का मामला..., पति और सास सहित चार को उम्रकैद; रोंगटे खड़े कर देगा बेटी का ये बयान

Sat, 01 Feb 2025 04:10 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 01 Feb 2025 04:10 AM IST
सार

इस मामले में आठ वर्षीय बेटी का बयान भी दर्ज हुआ था। बेटी ने पूरी घटनाक्रम को बताया था। घटना के वक्त उसके दादा ने डांटकर उसे भगा दिया था। अगली सुबह पूरे कमरे में खून बिखर हुए थे। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है।

विज्ञापन
murder case of Teacher husband and mother-in-law sentenced to life imprisonment daughter gave statement
Crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सपना शुक्ला की अदालत ने डुढुवां (मीता का पुरा) निवासी पति राजेश कुमार, देवर रजनीश व सास चंपा देवी और उमरहा के सतीश कुमार को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने पति को एक लाख एक हजार, सास को 51 हजार और देवर व सतीश को 56-56 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

विज्ञापन


दोषियों को सजा दिलाने में अध्यापिका की आठ वर्षीय पुत्री इशिता का बयान महत्वपूर्ण साबित हुआ। इशिता ने कहा कि उसकी मां को उसके पिता सहित अन्य लोग दूसरे कमरे में ले गए। वह कमरे की ओर गई तो उसके दादा ने उसे डांट कर भगा दिया। 
विज्ञापन


अगली सुबह वह उस कमरे में गई तो वहां उसकी मां का खून से सना कपड़ा और खून गिरा हुआ पड़ा था। वह अपने दादा-दादी से पूछती रही कि उसकी मां कहां है, लेकिन किसी ने उसे कुछ नहीं बताया। उसी कमरे से दो हंसिया भी बरामद हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

सहायक अध्यापिका थी किरनबाला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के करनपुर निवासी बलिराम राम ने चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बलिराम के अनुसार उनकी बेटी किरनबाला की शादी वर्ष 1999 में डुढुवां (मीता का पुरा) निवासी राजेश कुमार के साथ हुई थी। राजेश जूनियर हाईस्कूल धौरहरा में अध्यापक था। किरनबाला जूनियर हाईस्कूल डुढुवां में सहायक अध्यापिका थी।

वर्ष 2004 में उनके दामाद राजेश का छोटे भाई मृत्युंजय घरेलू कलह के कारण आत्महत्या कर लिया था। इसी के बाद से उनकी पुत्री किरनबाला के साथ उसके पति, ससुर, सास और एक अन्य देवर रजनीश गालीगलौज करते थे।

23 अप्रैल 2011 को उनकी बेटी की सहेली साधना देवी ने उन्हें सूचना दी कि किरनबाला घर पर नहीं है। बेटी के कमरे में गए तो वहां दो स्थान पर अधिक मात्रा में खून जमीन पर गिरा दिखाई दिया और दो हंसिया भी मिली। दोनों हंसिया में खून लगा हुआ था। अपराह्न तीन बजे सूचना मिली कि ग्राम सरैया के पास गोमती नदी में एक औरत का शव पड़ा है। 

शव को निकाला गया तो उसकी पहचान किरनबाला के रूप में हुई। कोर्ट में अभियोजन की ओर से अध्यापिका की आठ वर्षीय पुत्री का बयान ही आरोपियों के गले की फांस बना। कोर्ट ने दोनों पक्ष को सुनने और साक्ष्य के अवलोकन के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed