{"_id":"5ab248a74f1c1bb7758b6a10","slug":"mukhtar-ansari-appearing-in-court-in-double-murder-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड में विधायक मुख्तार अंसारी सहित 11 का बयान दर्ज, कोर्ट में चाक चौबंद सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरे हत्याकांड में विधायक मुख्तार अंसारी सहित 11 का बयान दर्ज, कोर्ट में चाक चौबंद सुरक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:39 PM IST
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कचहरी परिसर में सुरक्षा का रहा व्यापक बंदोबस्त
- फोटो : अमर उजाला
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दोहरे हत्याकांड के मामले में आरोपी मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से लाकर बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक डा. अजय कुमार की कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। एडीजे ने मामले में अभियोजन का साक्ष्य पूरा हो जाने के बाद आरोपियों का बयान दर्ज किया।
मुख्तार अंसारी की पेशी के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की है। मामले के अनुसार ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की हत्या के मामले में गवाह रहे रामसिंह मौर्या और सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की 19 मार्च 2010 को तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाबत वादी मुकदमा अशोक सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद तथा कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी, रामदुलारे, अनुज कन्नौजिया, पंकज यादव, रामू मल्लाह, राकेश उर्फ हनुमान पांडेय, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र सोनकर, राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह, बृजेश सोनकर और जामवंत उर्फ राजू के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था।
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कोर्ट में अभियोजन की तरफ से पैरवी करते हुए एडीजीसी शिवदत यादव और मणिबहादुर सिंह ने वादी सहित कुल 16 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। अभियोजन का साक्ष्य पूरा होने पर बुधवार को आरोपियों का बयान दर्ज हुआ।
इस दौरान मुख्तार अंसारी ने अपने बयान में कहा कि वह वर्ष 2005 से जेल में बंद है। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उन्हें मन्ना सिंह हत्याकांड के साथ रामसिंह की हत्या में भी नामजद कर फंसाया गया है। आरोपियों का बयान दर्ज होने के बाद एडीजे ने मामले में सफाई साक्ष्य के लिए 28 मार्च 2018 की तिथि नियत किया।
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मुख्तार अंसारी की पेशी के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की है। मामले के अनुसार ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की हत्या के मामले में गवाह रहे रामसिंह मौर्या और सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की 19 मार्च 2010 को तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी।
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घटना के बाबत वादी मुकदमा अशोक सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद तथा कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी, रामदुलारे, अनुज कन्नौजिया, पंकज यादव, रामू मल्लाह, राकेश उर्फ हनुमान पांडेय, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र सोनकर, राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह, बृजेश सोनकर और जामवंत उर्फ राजू के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था।
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कोर्ट में अभियोजन की तरफ से पैरवी करते हुए एडीजीसी शिवदत यादव और मणिबहादुर सिंह ने वादी सहित कुल 16 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। अभियोजन का साक्ष्य पूरा होने पर बुधवार को आरोपियों का बयान दर्ज हुआ।
इस दौरान मुख्तार अंसारी ने अपने बयान में कहा कि वह वर्ष 2005 से जेल में बंद है। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उन्हें मन्ना सिंह हत्याकांड के साथ रामसिंह की हत्या में भी नामजद कर फंसाया गया है। आरोपियों का बयान दर्ज होने के बाद एडीजे ने मामले में सफाई साक्ष्य के लिए 28 मार्च 2018 की तिथि नियत किया।
पेशी पर आए मुख्तार अंसारी ने योगी सरकार पर ये बोला
दोहरे हत्याकांड में विधायक मुख्तार अंसारी कोर्ट में पेश
- फोटो : अमर उजाला
रामसिंह हत्याकांड मामले में पेशी पर आए विधायक मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में योगी सरकार को सामंतवादियों की सरकार बताया। कहा कि जो सरकार के तलवे चाटता है उनको खुले में अपराध करने की छूट है। उदाहरण के लिए उन्होंने वाराणसी में विधायक के साथ 50 हजार के इनामी बदमाश के बैठे होने की घटना का हवाला दिया।
फर्जी एनकाउंटर के सवाल पर कहा कि इसकी जांच मानवाधिकार के साथ कोर्ट कर रही है। जो भी फर्जी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। राममंदिर निर्माण के बाबत बोले कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। बोले मेरी तरह संविधान में आस्था रखने वाले हर व्यक्ति को कोर्ट का फैसला मंजूर होगा।
राज्यसभा सदस्य के चुनाव में वोटिंग के बाबत उन्होंने अंदेशा जताया कि हो न हो यह सरकार उन्हें वोट न करने दे। लेकिन यदि उन्हें मौका मिला तो खुलकर बसपा प्रत्याशी को वोट करेंगे।
आने वाले लोक सभा चुनाव में सपा और बसपा के गठबंधन के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि बोले सांप्रदायिक शक्तियों का विरोध करते हुए चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान या फिर योगी आदित्यनाथ हो, इनके विरोध के लिए संगठित हुए सेक्युलर पार्टियों के साथ होंगे।
कहा कि योगी सरकार ने एक वर्ष का समय झूठ बोलने में गुजार दिया। इस सरकार में दलित पिछड़ी जाति के साथ नाइंसाफी की गई है। बुनकरों के साथ किया गया वादा पूरा नही किया गया। इसी का इनाम जनता ने एक वर्ष के अंदर दे भी दिया।
फर्जी एनकाउंटर के सवाल पर कहा कि इसकी जांच मानवाधिकार के साथ कोर्ट कर रही है। जो भी फर्जी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। राममंदिर निर्माण के बाबत बोले कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। बोले मेरी तरह संविधान में आस्था रखने वाले हर व्यक्ति को कोर्ट का फैसला मंजूर होगा।
राज्यसभा सदस्य के चुनाव में वोटिंग के बाबत उन्होंने अंदेशा जताया कि हो न हो यह सरकार उन्हें वोट न करने दे। लेकिन यदि उन्हें मौका मिला तो खुलकर बसपा प्रत्याशी को वोट करेंगे।
आने वाले लोक सभा चुनाव में सपा और बसपा के गठबंधन के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि बोले सांप्रदायिक शक्तियों का विरोध करते हुए चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान या फिर योगी आदित्यनाथ हो, इनके विरोध के लिए संगठित हुए सेक्युलर पार्टियों के साथ होंगे।
कहा कि योगी सरकार ने एक वर्ष का समय झूठ बोलने में गुजार दिया। इस सरकार में दलित पिछड़ी जाति के साथ नाइंसाफी की गई है। बुनकरों के साथ किया गया वादा पूरा नही किया गया। इसी का इनाम जनता ने एक वर्ष के अंदर दे भी दिया।
चेकिंग के दौरान अधिवक्ता का सीओ से हुआ तकरार
कचहरी में भीड़ रोकने के लिए थी चाक चौबंद सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
दोहरे हत्याकांड में सदर विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी को लेकर बुधवार की सुबह नौ बजे से ही कचहरी परिसर और आस पास सुरक्षा को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई थी। इसमें सीओ नगर राजकुमार, सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा के साथ शहर कोतवाल सुरेश मिश्रा सहित अन्य कई थाने की फोर्स मौके पर तैनात रही।
सीओ मधुबन के नेतृत्व में दीवानी कचहरी के मुख्य द्वार पर आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही थी। अधिवक्ताओं के भी वाहनों की चेकिंग के साथ ही उनका शरीर जांचा जा रहा था। उसी दौरान एक महिला अधिवक्ता अपनी बाइक से कचहरी पहुंची। इस दौरान सीओ के रोकने पर सिपाही ने पुरूष समझकर उसको चेक किया। इस पर महिला अधिवक्ता भड़क गई।
अन्य अधिवक्ता भी महिला वकील के साथ हो लिए। इस दौरान अधिवक्ता और वकीलों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। घटना के बाद सीओ मधुबन वहां से हट गई। इसके बाद वकीलों की चेकिंग बंद कर दी गई।
दूसरी तरफ मुख्तार की पेशी को लेकर दिनभर चली उठापट का पटाक्षेप शाम को चार बजे मुख्तार के कोर्ट से वापस लौट जाने पर हुआ। सुरक्षा को लेकर कचहरी परिसर से लेकर पूरी कचहरी पुलिस छावनी में तब्दील रही।
मुख्तार अंसारी दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब कचहरी में प्रवेश किए। इसके बाद सीधे एडीजे कोर्ट नंबर एक पहुंचे, इस दौरान उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। बयान दर्ज कराने के बाद उन्हे वापस बांदा जेल के लिए रवाना कर दिया गया।
सीओ मधुबन के नेतृत्व में दीवानी कचहरी के मुख्य द्वार पर आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही थी। अधिवक्ताओं के भी वाहनों की चेकिंग के साथ ही उनका शरीर जांचा जा रहा था। उसी दौरान एक महिला अधिवक्ता अपनी बाइक से कचहरी पहुंची। इस दौरान सीओ के रोकने पर सिपाही ने पुरूष समझकर उसको चेक किया। इस पर महिला अधिवक्ता भड़क गई।
अन्य अधिवक्ता भी महिला वकील के साथ हो लिए। इस दौरान अधिवक्ता और वकीलों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। घटना के बाद सीओ मधुबन वहां से हट गई। इसके बाद वकीलों की चेकिंग बंद कर दी गई।
दूसरी तरफ मुख्तार की पेशी को लेकर दिनभर चली उठापट का पटाक्षेप शाम को चार बजे मुख्तार के कोर्ट से वापस लौट जाने पर हुआ। सुरक्षा को लेकर कचहरी परिसर से लेकर पूरी कचहरी पुलिस छावनी में तब्दील रही।
मुख्तार अंसारी दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब कचहरी में प्रवेश किए। इसके बाद सीधे एडीजे कोर्ट नंबर एक पहुंचे, इस दौरान उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। बयान दर्ज कराने के बाद उन्हे वापस बांदा जेल के लिए रवाना कर दिया गया।