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जननी सेवा का आधार बना एक ट्वीट
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:38 AM IST
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दरअसल, वाराणसी निवासी सत्येंद्र कुमार यादव पत्नी और बच्चे के साथ 10 दिसंबर को मंडुवाडीह से नई दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने अपना रिजर्वेशन मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट में कराया था।
कोहरे के चलते अपने निर्धारित समय से काफी देरी से ट्रेन रवाना हुई। ट्रेन का समय रात साढे दस बजे था लेकिन यह ट्रेन चार घंटे विलंब से रात ढाई बजे मंडुवाडीह से चली थी। रास्ते में दूध खत्म होने पर सत्येंद्र की पत्नी ने सहयात्री के स्मार्ट फोन से रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्विटर पर मैसेज भेजा।
रेल मंत्री ने यात्री का मोबाइल नंबर तत्काल इलाहाबाद रेल मंडल को उपलब्ध कराया और ट्रेन में बच्चे को दूध उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। तब तक गाड़ी इलाहाबाद से आगे निकल चुकी थी। फतेहपुर में रेल अधिकारियों ने बच्चे को दूध उपलब्ध करा दिया। यात्री ने रेलमंत्री को ट्वीट कर धन्यवाद दिया।
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उस पहल को आज योजना का रूप मिल गया। अब सफर के दौरान महिलाओं को छोटे बच्चों के लिए दूध और गर्म पानी आदि के लिए भटकना नहीं होगा। स्टेशन और ट्रेनों में जरूरत के अनुरूप बेबी फूड, गर्म दूध और गर्म पानी आदि सुविधाएं मुहैया होंगी।
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कोहरे के चलते अपने निर्धारित समय से काफी देरी से ट्रेन रवाना हुई। ट्रेन का समय रात साढे दस बजे था लेकिन यह ट्रेन चार घंटे विलंब से रात ढाई बजे मंडुवाडीह से चली थी। रास्ते में दूध खत्म होने पर सत्येंद्र की पत्नी ने सहयात्री के स्मार्ट फोन से रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्विटर पर मैसेज भेजा।
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रेल मंत्री ने यात्री का मोबाइल नंबर तत्काल इलाहाबाद रेल मंडल को उपलब्ध कराया और ट्रेन में बच्चे को दूध उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। तब तक गाड़ी इलाहाबाद से आगे निकल चुकी थी। फतेहपुर में रेल अधिकारियों ने बच्चे को दूध उपलब्ध करा दिया। यात्री ने रेलमंत्री को ट्वीट कर धन्यवाद दिया।
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उस पहल को आज योजना का रूप मिल गया। अब सफर के दौरान महिलाओं को छोटे बच्चों के लिए दूध और गर्म पानी आदि के लिए भटकना नहीं होगा। स्टेशन और ट्रेनों में जरूरत के अनुरूप बेबी फूड, गर्म दूध और गर्म पानी आदि सुविधाएं मुहैया होंगी।