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करेंट की चपेट में आयी मां को बचाने दौड़ी दोनों बेटी, तीनों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 25 Aug 2017 10:47 AM IST
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करंट लगने से हुई मौत
- फोटो : demo
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बलिया जिले के चितबड़ागांव क्षेत्र के एक गांव के दलित बस्ती में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। विद्युत खंभे के सपोर्टिंग तार में करेंट आने से मां सहित दो बेटियां झुलस गई। इसमें मां और एक बेटी की तो तत्काल मौत हो गई जबकि दूसरी बेटी की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो गई।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने देर रात चितबड़ागांव मोड के पास सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि 108 नंबर एंबुलेंस को फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची। जिससे इनकी मौत हुई। जाम की सूचना मिलने पर सदर एसडीएम टीकाराम फुंडे मौके पर पहुंच गए और समझा बुझाकर जान समाप्त कराया।
ग्राम पंचायत मानपुर स्थित दलित बस्ती में राजेंद्र गोंड़ की पत्नी सुंदरी देवी (52) गुरुवार शाम तीन बजे घर के बाहर स्थित बिजली खंभे के बगल में घूरा पर कूड़ा फेंकने गई। वह घूरा के पास पहुंची कि खंभे के सपोर्ट लगे तार में आ रहे करेंट की चपेट में आ कर गिर पड़ी और छटपटाने लगी, उसकी हालत देख कर उसकी बेटी रानी 20 वर्ष दौड़ी।
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घटना के विरोध में ग्रामीणों ने देर रात चितबड़ागांव मोड के पास सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि 108 नंबर एंबुलेंस को फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची। जिससे इनकी मौत हुई। जाम की सूचना मिलने पर सदर एसडीएम टीकाराम फुंडे मौके पर पहुंच गए और समझा बुझाकर जान समाप्त कराया।
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ग्राम पंचायत मानपुर स्थित दलित बस्ती में राजेंद्र गोंड़ की पत्नी सुंदरी देवी (52) गुरुवार शाम तीन बजे घर के बाहर स्थित बिजली खंभे के बगल में घूरा पर कूड़ा फेंकने गई। वह घूरा के पास पहुंची कि खंभे के सपोर्ट लगे तार में आ रहे करेंट की चपेट में आ कर गिर पड़ी और छटपटाने लगी, उसकी हालत देख कर उसकी बेटी रानी 20 वर्ष दौड़ी।
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मां को पकड़ते ही वह भी करेंट की चपेट में आ गई। शोर सुनकर बड़ी बेटी शांति (26) भी मौके पर पहुंची और उसका भी वही हश्र हुआ। शोर सुनकर मौके पर जुटे लोगों किसी तरह उन्हें वहां से हटाया। सुंदरी देवी और शांति की तो मौके पर ही मौत हो गई।
लोग रानी को निजी वाहन से चिकित्सालय ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए लोग देर शाम को सड़क पर उतर आए थे। चितबड़ागांव मोड के पास सड़क जाम कर दिया।