कोरोनाः बीएचयू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में नहीं मिल रहा मास्क
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अस्पतालों में अलर्ट का दावा तो किया जा रहा है लेकिन बीएचयू अस्पताल में ही सुविधाएं नाकाफी दिख रही हैं। यहां अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी में मॉस्क नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल और ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी सहित आईसीयू में कई रेजिडेंट बिना मॉस्क के ही काम करने को मजबूर हैं। चिकित्सा अधीक्षक को भेजे गए पत्र में तत्काल उच्च गुणवत्ता वाले मॉस्क को मुहैया कराने की मांग की गई है।
कोरोना को लेकर बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स में आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा ओपीडी में एक अलग काउंटर भी बनाया गया है। हर दिन बनारस समेत यूपी के कई जिलों से पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। अस्पताल में पोस्टर से लोगों को जागरूक तो किया जा रहा है लेकिन काम करने वाले रेजिडेंट के पास ही मॉस्क नहीं हैं। लिहाजा वह बिना मॉस्क के ड्यूटी कर रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक को भेजे गए पत्र में बाल रोग विभाग के रेजिडेंट ने बताया कि वार्ड के साथ ही ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन मॉस्क नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जल्द से जल्द मॉस्क दिलाया जाना चाहिए। यह भी बताया है कि सुपर स्पेशियलिटी में कोरोना के संदिग्ध मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर ही ट्रामा सेंटर में भी ड्यूटी कर रहे हैं।
अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों, रेजिडेंटों को मॉस्क मुहैया कराने को चिकित्सा अधीक्षक को कहा गया है। अगर रेजिडेंटों को मॉस्क नहीं मिल रहा है तो इस बारे में बातचीत कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिससे कि किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रो.वीके शुक्ला, रेक्टर, बीएचयू
बजती रही फोन की घंटी, नहीं उठा एमएस का फोन
रेजिडेंटों के मॉस्क न मिलने को लेकर लिखे गए पत्र के बारे में जब बातचीत के लिए एमएस को फोन किया गया तो फोन की घंटी बजती रही लेकिन उठा नहीं। इसके पूर्व भी कई बार फोन करने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। इस बावत रेक्टर से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में बृहस्पतिवार को एमएस से बात करने को कहा।
सरकारी अस्पतालों में भी नहीं मिल पा रहा मॉस्क
स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने को व्यवस्थाओं के दावे तो कर रहा है लेकिन जिले के सरकारी अस्पतालों में भी चिकित्सकों, कर्मचारियों को मॉस्क नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा ओपीडी और वार्ड में काम करने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ बिना मॉस्क के ही सेवा दे रहे हैं। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर बुधवार को कई चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ बिना मॉस्क के ड्यूटी करते नजर आए। सूत्रों के अनुसार अस्पतालों की ओर से विभाग को पत्र लिखकर मॉस्क, सेनेटाइजर की मांग की गई है।
होम्योपैथिक अस्पताल में मरीजों को दी गई आर्सेनिक एलबम की खुराक
कोरोना से बचाव के लिए भेलूपुर स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में बुधवार को मरीजों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यहां चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने मरीजों और परिजनों में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए उपयोगी होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एलबम 30 की खुराक दी। साथ ही मरीजों में उसका वितरण भी किया गया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद की एडवाइजरी के बाद लोगों को खुराक दी जा रही है। यह संक्रमण से बचाव में उपयोगी साबित होगा। इससे संबंधित व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
अस्पतालों में अलग ओपीडी में देखे जा रहे हैं मरीज
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों में अलग ओपीडी चलाई जा रही है। मरीजों का नया पर्चा काउंटर भी बनाया गया है। किसी तरह का सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण दिखने पर सीधे नई ओपीडी में भेजा जा रहा है। दीनदयाल अस्पताल में बनी ओपीडी में छह चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। औसतन हर दिन यहां 40 से 45 मरीज आ रहे हैं, जिन्हें कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी जा रही है। अब तक एक सप्ताह में 15 मरीज आ चुके हैं, जिनका सैंपल बीएचयू जांच के लिए भेजा गया लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।