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वरुणापार में बाढ़ से प्रभावित एक हजार से अधिक परिवार
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गंगा के पलट प्रवाह के चलते वरुणा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को नक्खीघाट इलाके के मिल्लत नगर, मीरघाट, मौजाहाल, शक्कर तालाब और सिधुआ घाट इलाके की बस्तियों में बाढ़ की वजह से घर के साथ पावरलूम भी डूब गए हैं। जिससे इन इलाकों में रहने वाले लगभग एक हजार से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।
वरुणा पार इलाके की बस्तियों में एक ओर घर में पानी भरा है तो दूसरी ओर रोजगार की भी समस्या खड़ी हो गई है। नक्खीघाट पुल के नीचे बारादरी मस्जिद के पास प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की है। जिससे लोग अपना सामन सुरक्षित स्थान तक पहुंचा रहे हैं। नक्खीघाट के मिल्लत नगर में 250 से 300 घर, मीरघाट में 200 घर, सिधुआ घाट इलाके में 700 से ज्यादा घर और मौजाहाल क्षेत्र में 70 से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में हैं।
इलाके के मीरघाट इलाके के शरफूद्दीन ने बताया कि पानी में घर और पावरलूम दोनों डूब गए हैं। दूसरे के घर पर रह रहे हैं। अभी किसी प्रकार की राहत नहीं मिली। नाव के सहारे इसपार से उस पार जा पा रहे हैं। वहीं सक्कर तालाब तीन पुलवा इलाके के मुमताज ने बताया कि ज्यादातर लोगाें के घर पावरलूम का काम होता है। मेरा भी पावरलूम बाढ़ में डूब गया है।
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बाढ़ की वजह से टापू में तब्दील हुआ मीरघाट
तेजी से बढ़ रहे वरुणा के जलस्तर से नक्खीघाट इलाके का मीरघाट इलाका टापू में तब्दील हो गया है। यहां आने और जाने का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। लोगाें को जरूरत के सामान के लिए नाव से आना-जाना पड़ रहा है। इलाके में रहने वाले 75 फीसदी लोगाें के घरों में बाढ़ का पानी भर चुका है।
एनडीआरएफ कर रही पेट्रोलिंग
वरुणा के बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की टीमों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग जारी है। रविवार को भी एनडीआरएफ की तीन बोट नक्खीघाट इलाके में पेट्रोलिंग करती दिखाई दी। जो बाढ़ में फंसे लोगाें की सहायता करने में जुटी रही।
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वरुणा पार इलाके की बस्तियों में एक ओर घर में पानी भरा है तो दूसरी ओर रोजगार की भी समस्या खड़ी हो गई है। नक्खीघाट पुल के नीचे बारादरी मस्जिद के पास प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की है। जिससे लोग अपना सामन सुरक्षित स्थान तक पहुंचा रहे हैं। नक्खीघाट के मिल्लत नगर में 250 से 300 घर, मीरघाट में 200 घर, सिधुआ घाट इलाके में 700 से ज्यादा घर और मौजाहाल क्षेत्र में 70 से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में हैं।
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इलाके के मीरघाट इलाके के शरफूद्दीन ने बताया कि पानी में घर और पावरलूम दोनों डूब गए हैं। दूसरे के घर पर रह रहे हैं। अभी किसी प्रकार की राहत नहीं मिली। नाव के सहारे इसपार से उस पार जा पा रहे हैं। वहीं सक्कर तालाब तीन पुलवा इलाके के मुमताज ने बताया कि ज्यादातर लोगाें के घर पावरलूम का काम होता है। मेरा भी पावरलूम बाढ़ में डूब गया है।
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बाढ़ की वजह से टापू में तब्दील हुआ मीरघाट
तेजी से बढ़ रहे वरुणा के जलस्तर से नक्खीघाट इलाके का मीरघाट इलाका टापू में तब्दील हो गया है। यहां आने और जाने का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। लोगाें को जरूरत के सामान के लिए नाव से आना-जाना पड़ रहा है। इलाके में रहने वाले 75 फीसदी लोगाें के घरों में बाढ़ का पानी भर चुका है।
एनडीआरएफ कर रही पेट्रोलिंग
वरुणा के बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की टीमों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग जारी है। रविवार को भी एनडीआरएफ की तीन बोट नक्खीघाट इलाके में पेट्रोलिंग करती दिखाई दी। जो बाढ़ में फंसे लोगाें की सहायता करने में जुटी रही।