{"_id":"6905caa5c15eb423a50ee316","slug":"montha-impact-in-varanasi-no-sunshine-on-third-day-mercury-drops-8-7-degrees-in-six-days-2025-11-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi Weather: मोंथा का असर, तीसरे दिन भी नहीं निकली धूप, छह दिन में 8.7 डिग्री गिरा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi Weather: मोंथा का असर, तीसरे दिन भी नहीं निकली धूप, छह दिन में 8.7 डिग्री गिरा पारा
Sat, 01 Nov 2025 02:24 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:24 PM IST
सार
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नवंबर महीने से मौसम साफ रहने की संभावना है। इसमें तराई इलाकों में कुछ जगहों पर सामान्य से अधिक और कुछ जगहों पर सामान्य से कम रहने की संभावना है।
विज्ञापन
वाराणसी में मौसम का हाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से 3 दिन से धूप नहीं निकली है और ठंड का अहसास भी होने लगा है। जिस तरह से हवा में नमी बढ़ गई है, उसका असर यह है कि छह दिन में ही अधिकतम तापमान में 8.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने शनिवार से तूफान का असर कम होने और मौसम के साफ होने की संभावना जताई है।
विज्ञापन
तीन दिन से शहर से लेकर गांव तक रुक रुककर कर बारिश हो रही है। इससे शहरी इलाकों में सड़क पर फिसलन हो गई है तो ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी लगने की वजह से फसलों के नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को दिन में तो मौसम साफ रहा लेकिन देर शाम 7.30 बजे से बारिश शुरू हो गई जो कि रात तक होती रही। इस कारण अन्य दिनों की तुलना में ठंड भी थोड़ी अधिक महसूस हो रही थी।
विज्ञापन
अधिकतम तापमान औसत से 6.9 डिग्री सेल्सियस कम होकर 24.8 पहुंच गया जबकि न्यूतनम तापमान 20.8 रहा। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नवंबर महीने से मौसम साफ रहने की संभावना है। इसमें तराई इलाकों में कुछ जगहों पर सामान्य से अधिक और कुछ जगहों पर सामान्य से कम रहने की संभावना है। बताया कि अक्तूबर की बारिश की बात करें तो वाराणसी में 210.3 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। बताया कि सोनभद्र में 211.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि प्रदेश का पहला जिला है, जहां अक्तूबर में सर्वाधिक बारिश हुई है।
विज्ञापन
Trending Videos
पांच हजार हेक्टेयर में खरीफ सीजन की खेती, पीएम फसल बीमा का पंजीकरण मात्र 892 हेक्टेयर
विकास खंड चिरईगांव के 78 ग्राम पंचायतों में खरीफ सीजन में पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, हरा चारा, शाक सब्जी, फूल इत्यादि की खेती हुई। सहायक कृषि अधिकारी डॉ. विनीत ने बताया कि विकास खंड के मात्र 892 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण कराया कराया। उन्होंने बताया कि लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की गई है। बाकी बाजरा, मक्का,अन्य फसलें हैं। जिसमें बीते अगस्त सितंबर माह में गंगा में आई बाढ़ से काफी फसलें बर्बाद हो गई थीं। प्राकृतिक आपदाओं में किसानों की फसलों के साथ परिश्रम, लागत, पूंजी बर्बाद हो जाती है।