फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Money laundering case against Vinayak Group of Varanasi, partner of SP leader Abu Azmi

Varanasi: सपा नेता अबू आजमी के पार्टनर वाराणसी के विनायक ग्रुप पर मनी लांड्रिंग का केस, पढ़ें- क्या है मामला?

Fri, 15 Dec 2023 10:33 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 15 Dec 2023 10:33 AM IST
सार

ईडी के अधिकारी जल्द ही विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आभा गणेश कुमार गुप्ता, विमला दिलखुश, सर्वेश कुमार अग्रवाल के साथ प्रमोटर और साझीदारों को भी नोटिस देगा, जिसमें उनसे बीते दस वर्षों में खरीदी गयी चल-अचल संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी। तत्पश्चात उनको सम्मन भेजकर ईडी कार्यालय में तलब करके पूछताछ की जाएगी।

विज्ञापन
Money laundering case against Vinayak Group of Varanasi, partner of SP leader Abu Azmi
वाराणसी में सपा नेता अबू आजमी के ठिकाने - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी विनायक ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने यह कार्रवाई विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ वाराणसी में दर्ज करायी गयी एफआईआर और बीते अक्टूबर माह में आयकर विभाग के छापों की रिपोर्ट के आधार पर की है। ईडी की जांच के दायरे में विनायक ग्रुप के पार्टनर एवं समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी भी हैं।

विज्ञापन

ईडी के अधिकारी जल्द ही विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आभा गणेश कुमार गुप्ता, विमला दिलखुश, सर्वेश कुमार अग्रवाल के साथ प्रमोटर और साझीदारों को भी नोटिस देगा, जिसमें उनसे बीते दस वर्षों में खरीदी गयी चल-अचल संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी। तत्पश्चात उनको सम्मन भेजकर ईडी कार्यालय में तलब करके पूछताछ की जाएगी। बता दें कि आयकर विभाग ने बीते अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में विनायक ग्रुप के वाराणसी, मध्य प्रदेश और अबू आजमी के मुंबई और लखनऊ के ठिकानों को खंगाला था, जिसमें बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग अंजाम देने और बेनामी संपत्तियों को खरीदने के प्रमाण मिले थे। साथ ही, तमाम राजनेताओं की काली कमाई खपाने के सुराग भी मिले थे। जांच में सामने आया था कि तमाम नेताओं ने नोटबंदी के दौरान अपनी काली कमाई को वाराणसी और मुंबई के रियल एस्टेट में खपाने के लिए अबू आजमी और उसके करीबियों की मदद ली थी। दोनों शहरों में संपत्तियों की कीमतों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि इसकी वजह थी। वहीं, लखनऊ में होटल व्यवसाय और कृषि भूमि में निवेश हुआ था। जांच में 200 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स चोरी के पुख्ता सुराग हाथ लगे थे।

विज्ञापन

मुकदमा कराया था दर्ज

बताते चलें कि जांच के बाद आयकर विभाग ने विनायक ग्रुप की कई संपत्तियों को जब्त किया था। साथ ही, वाराणसी विकास प्राधिकरण ने विनायक ग्रुप के संचालकों के खिलाफ वरुणा गार्डन के फ्लैट्स का फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र बनाने का मुकदमा भी दर्ज कराया था। आयकर विभाग ने विनायक ग्रुप के ठिकानों पर पिछले साल दिसंबर में भी छापा मारा था। इसमें 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

13 संपत्तियों को किया था जब्त

आयकर विभाग ने विनायक ग्रुप की भोपाल, ठाणे और वाराणसी की 13 संपत्तियों को जब्त किया था। जांच में अबू आजमी और विनायक ग्रुप की यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में करीब 100 संपत्तियों का पता चला है। इनमें से तमाम संपत्तियां बेनामी होने की आशंका है। दरअसल, इन संपत्तियों के निर्माण के बाद किसी को बेचा नहीं गया है। इससे साफ हो गया कि इनमें किसी का कालाधन लगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed