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जहां में आज उजाला मेरे हुसैन से है, शहर-ए-बनारस में निकले खूबसूरत ताजिए, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2019 01:45 AM IST
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शहर में निकला ताजियों का जुलूस।
- फोटो : अमर उजाला
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मोहर्रम पर शहर ए बनारस में भी शहादते हुसैन की शहादत पर ताजिये, अलम, दुलदुल और ताबूत के जुलूस उठाए गए। इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों को दिल की गहराइयों से खिराज अकीदत पेश की गई। सुबह से देर रात तक शहर के विभिन्न इलाकों में अलम और ताजिये का जुलूस दरगाहे फातमान, सदर इमामबाड़ा, शिवाला घाट टेंगरामोड़ के इमामबाड़ा में पहुंचता रहा।
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सर्वाधिक ताजिये दरगाहे फातमान पर और सदर इमामबाड़ा लाट सरैंयां पर जाकर समाप्त हुए। जिन ताजियों में सर्वाधिक भीड़ देखी गई। इसमें रांगे वाली ताजिया, नगीने वाली ताजिया, पीतल की ताजिया, मोती वाली ताजिया शामिल रहीं। इस दौरान जगह-जगह या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं।
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सभी लोग ताजिये को पूरी अकीदत के साथ सजाकर जियारत कर रहे। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया कि सूर्यास्त होने के बाद कई स्थानों पर मजलिसें आयोजित की गईं।
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जेपी टावर, काली महाल, शिया मस्जिद, ख्वातीन ने मजलिसें आयोजित कीं। इस दौरान इबादतों का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने कहा कि जहां हुसैन हैं वहां शांति है, वहीं इंसानियत है, हुसैन को धर्म की मुल्क की सरहदों से बांधा नहीं जा सकता है। हर एक ने इमाम हुसैन को सराहा है। उन्होंने कहा कि जहां में आज उजाला मेरे हुसैन से है। मुहर्रम हमारी पहचान है और हुसैन हमारी शान है।
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जंजीर और कामा का हुआ मातम :
शहर भर में राम नगर, शिवाला, बजरडीहा, मदनपुरा, गौरीगंज, दुर्गाकुंड, भेलूपुर, चौक, दालमंडी, नई सड़क, लल्लापुरा, शिवपुर, अर्दली बाजार, लाट सरैयां दोषीपुरा, बड़ी बाजार, रसूलपुरा, कच्चीबाग, राजापुरा, चौहट्टा लाल खां, मुकीमगंज, पड़ाव, दुलहीपुर आदि क्षेत्रों में अलम दुलदुल ताजिये के जुलूस उठाए गए। नौजवानों और बच्चों ने जंजीर और कामा के मातम के जरिये, खून का नजराना पेश किया। 300 साल पुराने दुलदुल का जुलूस बाकर हुसैन के बेनिया स्थित निवास से उठाया गया। जुलूस में हजारों लोग या हुसैन की सदाओं के साथ मातम करते हुए चल रहे थे।
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